केरल भूस्खलन में शिवपुरी के चंद्रभान की मौत: नम आंखों से अंतिम विदाई, गांव में पसरा मातम

शिवपुरी। जिले के पिछोर अनुविभाग के ग्राम गणेशखेड़ा (खोड़) निवासी 37 वर्षीय चंद्रभान पाल का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन हादसे में उनकी मौत हो गई थी। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
चंद्रभान पाल, ब्रगभान पाल के पुत्र थे और पिछले करीब एक वर्ष से केरल के वायनाड में दिलीप बिल्डकॉम कंपनी में ग्रेडर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। दो दिन पहले वायनाड में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया।
हादसे के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर चंद्रभान का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से भोपाल लाया गया। इसके बाद सड़क मार्ग से उन्हें उनके पैतृक गांव गणेशखेड़ा पहुंचाया गया। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
ग्रामीण रामनिवास बघेल ने बताया कि चंद्रभान अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने शासन से परिवार को आर्थिक सहायता और हरसंभव सहयोग देने की मांग भी की।
ग्रामीणों के अनुसार चंद्रभान सरल, मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। यही वजह रही कि उनके निधन की खबर से केवल गणेशखेड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी शोक का माहौल बन गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए।
शुक्रवार को पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय हर आंख नम थी और गांव के लोगों ने भारी मन से उन्हें अंतिम प्रणाम किया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
