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कर्मचारियों की समस्याओं पर फूटा गुस्सा: राज्य कर्मचारी संघ ने सौंपा 8 सूत्रीय ज्ञापन, प्रभारी प्राचार्य पर लगाए गंभीर आरोप

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शिवपुरी। जिले में लंबे समय से विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठकें आयोजित नहीं होने से कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन्हीं समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने संयुक्त कलेक्टर डॉ. मोहम्मद यूनुस कुरैशी को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही सहायक संचालक कृषि एवं प्रभारी प्राचार्य चौरसिया के कार्य और व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई।

राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा और जिला सचिव राजकुमार सरैया ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से यह प्रक्रिया ठप पड़ी है। इससे कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। संघ ने ज्ञापन में शेष गुरूजियों और शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ देने, एरियर भुगतान, स्वास्थ्य विभाग में समय पर वेतन वितरण, सेवा अभिलेखों के संधारण, लंबित परीक्षा अनुमति जारी करने सहित कई मांगें रखीं।

प्रभारी प्राचार्य पर प्रताड़ना के आरोप

संघ पदाधिकारी हिम्मत सिंह सोनकर ने आरोप लगाया कि सहायक संचालक कृषि एवं प्रभारी प्राचार्य चौरसिया अधीनस्थ कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उनके साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों से समन्वय स्थापित करने के बजाय भय का वातावरण बनाया जा रहा है। साथ ही निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों का वेतन रोकने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

संघ ने दावा किया कि प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें की जा चुकी हैं, जिनकी जांच संयुक्त कलेक्टर स्तर पर हुई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कर्मचारी संघ ने चौरसिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और स्थानांतरण की मांग की है।

बढ़ते प्रदूषण पर भारतीय मजदूर संघ की चिंता

इसी दौरान भारतीय मजदूर संघ ने भी संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिले में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। संघ ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने, कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनिवार्यता, नदियों-तालाबों की सफाई, कचरा प्रबंधन और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान राज्य कर्मचारी संघ और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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