खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा: बीरा में 124 बैग उर्वरक जब्त, बिना लाइसेंस कारोबार का भंडाफोड़

शिवपुरी। जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। पिछोर अनुविभाग के ग्राम बीरा में की गई कार्रवाई के दौरान बिना लाइसेंस उर्वरक का भंडारण और विक्रय किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने मौके से 124 बैग उर्वरक जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिलेभर में खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने ग्राम बीरा में ब्रजमोहन उर्फ मुन्ना गुप्ता के दुकान एवं गोदाम का निरीक्षण कराया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित व्यक्ति को दूरभाष एवं अन्य माध्यमों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पंचों की उपस्थिति में गोदाम की जांच की।
जांच के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में उर्वरक भंडारित मिला। टीम को 94 बैग यूरिया (एनएफएल), 27 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) और 3 बैग एनपीके (20:20:0:13) सहित कुल 124 बैग उर्वरक मिला। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्ति के पास उर्वरक भंडारण और विक्रय के लिए कोई वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) नहीं थी।
अधिकारियों के अनुसार बिना लाइसेंस उर्वरकों का भंडारण और विक्रय उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों का गंभीर उल्लंघन है। जांच में अवैध भंडारण की पुष्टि होने के बाद जब्त उर्वरक को नियमानुसार सुरक्षित कराया गया और संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
मामले में चौकी खोड़, थाना भौंती में उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा 8 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा और कालाबाजारी या अवैध भंडारण में लिप्त पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
