खेत में रखा यूरिया बना बकरों का काल: 5 की मौत, किसान पर लापरवाही का आरोप

शिवपुरी। जिले के इंदार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ठाटी में खेत में खुले में रखी यूरिया खाद पांच बकरों की मौत का कारण बन गई। घटना के बाद पशुपालक परिवार में शोक का माहौल है। पीड़ित ग्रामीण ने पड़ोसी किसान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम ठाटी निवासी नवलसिंह परिहार (55) का पुत्र राजवीर परिहार शुक्रवार को परिवार के 13 बकरे-बकरियों को चराने के लिए ग्राम खरेह की टगर की ओर लेकर गया था। चराई के दौरान पशु रघुराज यादव के खेत के पास पहुंच गए। बताया जा रहा है कि खेत में इमली के पत्तों के साथ यूरिया खाद भी खुले में रखी हुई थी। पत्ते खाने के दौरान कुछ बकरों ने यूरिया खाद भी खा ली।
शाम को जब सभी पशुओं को वापस घर लाया गया तो पांच बकरों की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उनके मुंह से झाग निकलने लगा और वे तड़पने लगे। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही एक-एक कर पांचों बकरों की मौत हो गई। मृत पशुओं में एक करीब डेढ़ साल का बकरा और चार छोटे बकरे शामिल बताए गए हैं।
घटना से पशुपालक परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। नवलसिंह परिहार का आरोप है कि खेत मालिक द्वारा यूरिया खाद को सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय खुले में छोड़ दिया गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि यदि खाद को ढंककर या सुरक्षित तरीके से रखा जाता तो पशुओं की जान बच सकती थी।
मामले की सूचना मिलने पर इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच प्रधान आरक्षक हरीसिंह को सौंपी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बकरों की मौत यूरिया खाद खाने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर खेतों में रखे उर्वरक और रसायन पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो जाते हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को खाद और रासायनिक पदार्थ सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह देते हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
