1000781628

स्मार्ट मीटर नहीं, आपकी ये आदतें बढ़ा रही हैं बिजली का बिल: पढ़िए बचत के आसान तरीके…

1000781628

शिवपुरी। बिजली का बिल ज्यादा आने पर अक्सर उपभोक्ता स्मार्ट मीटर या बिजली कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कई बार बढ़ा हुआ बिल हमारी रोजमर्रा की आदतों का परिणाम होता है। यदि बिजली उपकरणों का सही तरीके से उपयोग किया जाए और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण रखा जाए तो हर महीने अच्छी-खासी बचत की जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग टीवी, म्यूजिक सिस्टम, एसी, कंप्यूटर और अन्य रिमोट से संचालित उपकरणों को केवल रिमोट से बंद कर देते हैं। ऐसे उपकरण स्टैंडबाय मोड में रहते हैं और बंद दिखाई देने के बावजूद लगातार बिजली की खपत करते रहते हैं। यही छोटी-छोटी लापरवाहियां महीने के अंत में बिजली बिल बढ़ाने का कारण बनती हैं।

एक सर्वे के अनुसार करीब 70 प्रतिशत लोग टीवी को मुख्य स्विच से बंद करने के बजाय केवल रिमोट से ऑफ करते हैं। इससे टीवी में बिजली की सप्लाई बनी रहती है और लगातार ऊर्जा खर्च होती रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह अतिरिक्त खपत सालभर में उपभोक्ताओं पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।

एलईडी और ऊर्जा दक्ष उपकरणों से होगी बचत

बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक बल्बों और उपकरणों की जगह एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूबलाइट और ऊर्जा दक्ष पंखों का उपयोग बिजली बचाने का सबसे आसान तरीका है। एलईडी बल्ब कम बिजली में अधिक रोशनी देते हैं और उनकी उम्र भी सामान्य बल्बों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।

एक अनुमान के अनुसार 40 वाट के साधारण बल्ब जितनी रोशनी केवल 4 से 5 वाट का एलईडी बल्ब दे सकता है। इससे बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी आती है।

स्टैंडबाय मोड भी बढ़ाता है बिल

टीवी, म्यूजिक सिस्टम, एसी और कंप्यूटर जैसे उपकरण स्टैंडबाय मोड में भी 5 से 15 वाट तक बिजली खर्च करते हैं। यदि ऐसे उपकरण लंबे समय तक केवल स्टैंडबाय मोड में रखे जाएं तो हर महीने अतिरिक्त यूनिट खर्च होती हैं, जिसका सीधा असर बिजली बिल पर पड़ता है।

कंप्यूटर उपयोग में रखें सावधानी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कंप्यूटर का उपयोग नहीं होने पर उसे पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। यदि कंप्यूटर चालू रखना आवश्यक हो तो मॉनिटर बंद कर देना चाहिए, क्योंकि कुल ऊर्जा खपत का बड़ा हिस्सा मॉनिटर ही खर्च करता है। एलईडी मॉनिटर पारंपरिक मॉनिटर की तुलना में कम बिजली खर्च करते हैं और ऊर्जा बचत में मददगार होते हैं।

फ्रिज की नियमित सफाई भी जरूरी

फ्रिज के पीछे लगी कंडेंसर कॉयल पर धूल जमने से मोटर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। विशेषज्ञ नियमित सफाई, समय-समय पर डीफ्रास्टिंग और दरवाजे की रबर सील की जांच करने की सलाह देते हैं। इससे फ्रिज की कार्यक्षमता बेहतर रहती है और बिजली की बचत होती है।

एसी को 26 डिग्री पर चलाएं

एसी का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर रखने से आरामदायक ठंडक के साथ बिजली की बचत भी होती है। इसके अलावा एयर फिल्टर की नियमित सफाई, टाइमर का उपयोग और घर के आसपास हरियाली बनाए रखने से भी एसी की बिजली खपत कम की जा सकती है।

बिजली विभाग के अनुसार यदि उपभोक्ता इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो हर महीने बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यानी बिजली का बिल नियंत्रित करने की चाबी अब काफी हद तक उपभोक्ताओं के अपने हाथ में है।

Advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *