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बैराड़ स्मैक केस में नया मोड़: पत्नी का आरोप- घर से उठाकर फंसाया, 90 हजार रुपए भी ले गई पुलिस

एसपी को शिकायत देकर मांगी निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सौंपकर लगाए गंभीर आरोप

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शिवपुरी। बैराड़ थाना पुलिस द्वारा स्मैक तस्करी के मामले में की गई कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। मामले में गिरफ्तार ब्रजेश उर्फ छोटू ओझा की पत्नी रजनी ओझा ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर बैराड़ थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि पुलिस उनके पति को घर से उठाकर ले गई और बाद में झूठा स्मैक का मामला दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, घर में रखे 90 हजार रुपए नगद ले जाने का आरोप भी पुलिस पर लगाया गया है।

रजनी ओझा ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 28 मई की शाम करीब 8 बजे वह और उनके पति ब्रजेश उर्फ छोटू ओझा घर पर मौजूद थे। इसी दौरान बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा सहित कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बिना कोई कारण बताए उनके पति को अपने साथ ले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिसकर्मी घर में रखे 90 हजार रुपए नकद भी अपने साथ ले गए, जो हाल ही में गेहूं बिक्री से प्राप्त हुए थे।

शिकायत में कहा गया है कि बाद में पुलिस ने उनके पति के खिलाफ स्मैक रखने का मामला दर्ज कर दिया, जबकि उन्हें घर से उठाया गया था। रजनी ओझा का दावा है कि उनके पति किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार से जुड़े नहीं हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।

सीसीटीवी फुटेज सौंपकर जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने आवेदन के साथ घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पेन ड्राइव में उपलब्ध कराई है। उनका कहना है कि फुटेज की जांच कराई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि उनके पति को घर से ले जाया गया था। उन्होंने पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें ब्रजेश ओझा को ठाकुर बाबा मंदिर के पास से स्मैक के साथ पकड़े जाने की बात कही गई है।

पुलिस पर धमकाने के भी आरोप
रजनी ओझा ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी उनके पति को धमका रहे हैं और परिवार के अन्य सदस्यों पर भी झूठे प्रकरण दर्ज करने की चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी उनके पति को कई बार परेशान किया गया और कथित रूप से पैसों की मांग की जाती रही।

मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। एक तरफ पुलिस ने स्मैक बरामदगी की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर आरोपी की पत्नी ने पूरी कार्रवाई को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जांच पर टिकी हैं। यदि फुटेज और अन्य साक्ष्य शिकायतकर्ता के दावों की पुष्टि करते हैं तो मामला बड़ा रूप ले सकता है, वहीं यदि पुलिस की कार्रवाई सही पाई जाती है तो आरोप स्वतः खारिज हो जाएंगे।

फिलहाल बैराड़ में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।

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