पिछोर में धरना दे रहे कांग्रेसियों को बाईक सवारों ने लाठियों से पीटा, नामजद आरोपियों पर FIR की मांग

शिवपुरी। पिछोर में 27 मई को कांग्रेस के धरना स्थल पर हुए कथित उपद्रव और मारपीट मामले को लेकर शनिवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने घटना में शामिल नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नवीन नगर परिषद भवन पिछोर के पास जनता की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान 10 से 12 बाइकों पर सवार करीब 25 से 30 लोग वहां पहुंचे और धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा आमजन के साथ मारपीट करते हुए उपद्रव किया। आरोप है कि हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप थे, जिनका उपयोग मारपीट में किया गया।
पुलिस को सौंपे गए आवेदन में मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित अन्य लोगों के नाम आरोपी के रूप में दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
पिछोर में भय का माहौल: मोहित अग्रवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रही है, लेकिन सत्ता पक्ष से जुड़े लोग विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछोर विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से भय का माहौल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नामजद शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सीसीटीवी फुटेज के बावजूद कार्रवाई नहीं: अनिल गुप्ता
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के आंदोलनों को बाधित करने की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि धरना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटनास्थल की तस्वीरें पुलिस के पास उपलब्ध हैं, फिर भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पुलिस बोली- जांच जारी
पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि शिकायत में जिन लोगों के नाम दिए गए हैं, उनमें से कुछ व्यक्तियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं पाए गए हैं। वहीं सीसीटीवी फुटेज में भी कई संदिग्ध चेहरे पर कपड़ा बांधे दिखाई दे रहे हैं, जिससे पहचान में कठिनाई आ रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की बात कही थी, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने नामजद एफआईआर की मांग की थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
