20 साल से पानी संकट झेल रहा करसेना गांव, ग्रामीणों ने दी चक्काजाम और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

शिवपुरी। जिले की ग्राम पंचायत करसेना में ग्रामीण पिछले करीब 20 वर्षों से गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो हाईवे पर चक्काजाम किया जाएगा।
गांव की महिलाएं और पुरुष रोजाना करीब एक किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। भीषण गर्मी में पेयजल संकट के कारण लोगों के साथ पशुओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में बनी सरकारी पानी की टंकी क्षमता में छोटी है, जिससे पूरे गांव को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। वहीं नल-जल योजना के तहत डाली गई करीब दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन मोटर खराब रहने के कारण बेकार साबित हो रही है। इससे स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बाधित है और दूषित पानी से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि एससी-एसटी बस्ती के 100 से 150 घरों के लिए सरकारी बोर पर 15 एचपी की नई मोटर लगाई जाए, 1000 मीटर नई पाइपलाइन डाली जाए और कुएं से वैकल्पिक जल व्यवस्था शुरू की जाए। इसके अलावा नए बोरवेल और पानी के टैंकर की भी मांग उठाई गई है ताकि नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सचिव गांव की समस्याएं सुनने से बचते हैं और खुद को शिवपुरी कार्यालय में पदस्थ बताकर जिम्मेदारी से बचते हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से वर्तमान सचिव को हटाकर नए सचिव की नियुक्ति की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विधायकों तक कई बार पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वर्ष 2027 के चुनावों का गांव स्तर पर बहिष्कार किया जाएगा।
