दो साल से युवती को ब्लैकमेल का आरोप: शादी के एक माह पहले RAPE किया, VIDEO भी बना की, अब ब्लैकमेल, ससुराल से वापस आई तो फिर RAPE, पिता बोला बेटा नाबालिग

शिवपुरी। आज शिवपुरी पुलिस अधीक्षक के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे एक पिता ने एक महिला और उसके परिजनों पर रंजिश के चलते झूठा मुकदमा दर्ज कराने और नाबालिग को बालिग मानकर जेल भेजने का आरोप लगाया है, इस मामले में पुलिस अधीक्षक से पीड़ित के पिता ने अपने लगभग दो दर्जन साथियों के साथ पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की।
आवेदन में पिता ने दावा किया कि घटना के समय उनका बेटा किसी अन्य स्थान पर मौजूद था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से की जा सकती है। उन्होंने पुलिस से इन सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
पिता का यह भी कहना है कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने उसे तत्काल किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि वयस्क जेल में रहने से उसके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर आरोपी बालिग पाया गया है। पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है तथा आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी।
यह है मामला
बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि विशाल पिछले दो वर्षों से शादी का दबाव बनाकर उसे परेशान कर रहा था। आरोप है कि 24 मार्च 2026 को उसने घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। बाद में उन्हीं तस्वीरों के आधार पर ब्लैकमेल करता रहा। महिला की 20 अप्रैल 2026 को शादी हो गई, लेकिन आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान विशाल ने रास्ते में रोककर उसके साथ मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
