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पिपरसमा मंडी में 42 डिग्री पारे में बूंद-बूंद को तरसे किसान और हम्माल, किसानों ने किया हंगामा

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शिवपुरी। जिले की आदर्श अनाज मंडी पिपरसमा में बुधवार को व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे किसानों और हम्मालों का धैर्य जवाब दे गया। पानी की गंभीर किल्लत से नाराज सैकड़ों किसानों ने मंडी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने मंडी सचिव कार्यालय जा पहुंचे।

वर्तमान में जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। अपनी साल भर की मेहनत (उपज) बेचने के लिए किसान रात से ही ट्रॉलियों में मंडी पहुंच रहे हैं। नीलामी और तुलाई की प्रक्रिया शाम तक चलने के कारण किसानों को पूरा दिन खुले आसमान और टीन शेड के नीचे बिताना पड़ता है। ऐसे में पानी न मिलने से किसानों की हालत खराब हो रही है।

प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि करोड़ों रुपए की लागत से बनी इस नई मंडी को प्रदेश की आधुनिक मंडियों में गिना जाता था। यहां रात्रि विश्राम, शुद्ध पेयजल और आधुनिक शौचालयों का दावा किया गया था। लेकिन वर्तमान में प्रबंधन की अनदेखी के चलते सभी सुविधाएं कागजी साबित हो रही हैं। किसानों ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मंडी अब बदहाली का केंद्र बन गई है।

हंगामे के दौरान प्रबंधन की ओर से बताया गया कि मंडी के बोरवेल की मोटर चोरी हो गई है, जिसके कारण जलापूर्ति ठप है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एक पानी का टैंकर मंगवाया गया था, लेकिन हजारों की भीड़ के सामने वह चंद मिनटों में ही खाली हो गया। इसके बाद किसानों और काम करने वाले हम्मालों का गुस्सा और भड़क गया।

किसानों के समर्थन में मंडी के हम्माल भी काम बंद कर विरोध में उतर आए। काफी देर तक चले हंगामे और बहस के बाद मंडी प्रबंधन ने जल्द ही स्थायी पेयजल व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि, इस अव्यवस्था पर पक्ष जानने के लिए जब मंडी सचिव बालेश शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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