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सिंधिया का शिवपुरी विज़न: 3500 करोड़ की सिंचाई योजना से चमकेगी किसानों की किस्मत, 2000 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का शंखनाद

● दिशा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने की विकास कार्यों की सर्जिकल समीक्षा, जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों के नए विंग को हरी झंडी
● जलकुंभी से मुक्ति, सीवेज-पेयजल परियोजनाओं में तेजी और पोहरी रेलवे ओवरब्रिज अगले साल तक होगा पूरा

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शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज रविवार को शिवपुरी में आयोजित दिशा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की और उसके पश्चात प्रेस वार्ता को संबोधित किया। सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, प्रशासनिक अमले एवं सभी सहयोगी संस्थाओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बड़े परिणाम संभव हो रहे हैं।

जल स्रोतों की सफाई और स्थायी समाधान पर फोकस
सिंधिया ने बताया कि चांदपाठा, माधव सागर और साख्या सागर में जलकुंभी की समस्या पर व्यापक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि लगभग 85-90% सफाई कार्य मशीन के मदद से पूर्ण हो चुका है, शेष 10-15% कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। मंत्री सिंधिया ने निर्देश दिए कि अस्थायी और स्थायी- दोनों समाधान तैयार किए जाएं, ताकि भविष्य में सीवेज और गंदा पानी इन जल स्रोतों में प्रवेश न कर सके।

सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
सिंधिया ने बताया कि सनकाटा माध्यम सिंचाई परियोजना से 4500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 22 गांवों शिवपुरी और पिछोर विधान सभा को लाभ मिलेगा। उन्होंने पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए। बिजरोनी सिंचाई योजना (₹27 करोड़) से 450 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि लोअर ओर मेजर लिफ्ट सिंचाई परियोजना लगभग ₹3500 करोड़ की है, जिससे 1 लाख हेक्टेयर भूमि और शिवपुरी के 213 गांव लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के तहत 347 एमसीएम पानी उपलब्ध होगा, जिसमें 26 एमसीएम पेयजल और 320 एमसीएम सिंचाई के लिए होगा। सिंधिया ने इस योजना को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि इसका बांध बन गया है और कैनाल सिस्टम को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और लंबित कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

पेयजल और सीवेज परियोजनाओं में तेजी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ₹80 करोड़ की पेयजल योजना में फीडर मेन और ओवरहेड टंकियों का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 40 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन में से 8.5 किमी शेष है, जिसे मई तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 62 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।
सीवेज परियोजना की जानकारी देते हुए सिंधिया ने कहा कि 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। 95 किमी सीवेज लाइन में से 83 किमी की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 12 किमी में 2614 मैनहोल्स की जांच की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि मैनहोल्स की जियो-टैगिंग कर सभी विभागों को जानकारी दी जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
सिंधिया ने बताया कि पोहरी रेलवे ओवरब्रिज का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे अगले वर्ष तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। चांदपाठा बांध सुदृढ़ीकरण के लिए ₹80 करोड़ की डीपीआर तैयार है, जिस पर राज्य सरकार से समन्वय किया जा रहा है।

स्वास्थ्य अधोसंरचना और मानव संसाधन में सुधार
मंत्री सिंधिया ने बताया कि जिला अस्पताल में 537 उपकरणों में से 400 उपलब्ध कराए जा चुके हैं और शेष 137 उपकरण शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि MRI मशीन की स्थापना PM Cares के माध्यम से की जाएगी और इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 400 बिस्तरों के अस्पताल के साथ 200 बिस्तरों के मातृ एवं शिशु विंग के विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया है। ऑक्सीजन पाइपलाइन का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
डॉक्टरों और स्टाफ की स्थिति पर जानकारी देते हुए सिंधिया ने बताया कि एक साल पहले तक 408 स्वीकृत पदों में से 275 भरे हुए थे, जो अब बढ़कर 347 हो गए हैं। रिक्त पदों की संख्या 133 से घटकर 61 रह गई है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 70 से अधिक स्टाफ की नियुक्ति की गई है, जिसमें डॉक्टर, नर्सिंग, टेक्निकल और सपोर्टिंग स्टाफ शामिल हैं।

‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण
सिंधिया ने बताया कि अडानी फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित परिधान प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र में 160 अंतरराष्ट्रीय स्तर की मशीनों के साथ उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि 253 महिलाओं को दिल्ली और लगभग 200 महिलाओं को अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में एक शिफ्ट में 160 मशीनों पर और दो शिफ्ट में लगभग 350 महिलाएं कार्य कर रही हैं। आगामी चरणों में 280 और फिर 160 मशीनें जोड़कर कुल 600 मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे करीब 2000 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महिला की आय ₹12,000 से ₹15,000 प्रतिमाह होगी और वे ‘लखपति दीदी’ बनेंगी। आगे चलकर इस इकाई को एक शेयरहोल्डर कंपनी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें स्वयं महिलाएं मालिक बनेंगी।

मेडिकल कैम्प: रिकॉर्ड उपलब्धि और निरंतर फॉलो-अप
सिंधिया ने बताया कि 17 से 24 मार्च के बीच आयोजित मेडिकल कैम्प शिवपुरी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है, जिसे ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत करीब 3 लाख ओपीडी सेवाएं दी गईं और 3600 से अधिक सफल ऑपरेशन किए गए। सिंधिया ने विशेष रूप से बताया कि यह अभियान समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसका फॉलो-अप निरंतर जारी है। लगभग 3000 मरीजों की पहचान कर उनके इलाज की व्यवस्था की जा रही है और 500-600 अतिरिक्त ऑपरेशन शिवपुरी, भोपाल, इंदौर और दिल्ली में किए जाएंगे। इसके लिए एक समर्पित सेंटर स्थापित किया गया है, जहां सीएमएचओ और सिविल सर्जन की निगरानी में मरीजों का नियमित फॉलो-अप हो रहा है।
अंत में सिंधिया ने कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना ही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूर्ण किया जाए और शिवपुरी को विकास के नए मानकों पर स्थापित किया जाए।

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