MT-6 का खौफ चरम पर: आदिवासी को बनाया शिकार, ग्रामीणों का चक्काजाम, 8 लाख मुआवजे की मांग

शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व से सटे ग्राम ऐरावन में मादा टाइगर MT-6 का आतंक एक बार फिर सामने आया है। शुक्रवार 24 अप्रैल की शाम करीब 50 वर्षीय सरवन आदिवासी का क्षत-विक्षत शव जंगल में मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शनिवार सुबह 7 बजे नरवर-शिवपुरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जो करीब 5 घंटे तक चला। पुलिस, प्रशासन और पार्क प्रबंधन की समझाइश तथा मुआवजे के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 12 बजे जाम खुल सका।
घटना की जानकारी टाइगर ट्रेकिंग टीम को उस समय लगी, जब ऐरावन के जंगल में शव बुरी हालत में मिला। आसपास मादा टाइगर MT-6 की लोकेशन भी दर्ज की गई थी। मौके पर नहाने का सामान, कपड़े और अन्य वस्तुएं बिखरी मिलीं, जिससे अंदेशा है कि सरवन नदी में गया होगा और उसी दौरान उस पर हमला हुआ। शव की हालत बेहद भयावह थी सिर, एक पैर और दोनों हाथ ही बरामद हुए, जबकि धड़ का कोई पता नहीं चला। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में सामने आया कि हमला किसी बड़े जंगली जानवर ने नुकीले दांतों से किया, जिससे बाघिन द्वारा शिकार किए जाने की आशंका और मजबूत हो गई है।
इस घटना के बाद इलाके में गुस्सा और डर दोनों चरम पर हैं। सतनबाड़ा पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है, जबकि वन विभाग के डीएफओ हरिओम के अनुसार परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रस्ताव भेजा गया है, जो जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक मुआवजे से हालात संभाले जाएंगे और कब इस खतरे पर स्थायी नियंत्रण होगा?
बार-बार आबादी में पहुंच रही MT-6, बढ़ा खतरा
मादा टाइगर MT-6 को 27 दिसंबर को रिजर्व में छोड़ा गया था, लेकिन इसके बाद से उसका व्यवहार लगातार चिंताजनक रहा है। 1 जनवरी को वह डोंगर गांव पहुंची और एक ग्रामीण पर हमला किया। इसके बाद खुटेला और सरदारपुरा में मवेशियों का शिकार कर दहशत फैलाई। 13 जनवरी को उसे ट्रेंकुलाइज कर जंगल में छोड़ा गया, लेकिन वह फिर लौट आई।
16 अप्रैल को रायपुर धमकन गांव में उसने भैंस का शिकार किया और एक ग्रामीण से आमना-सामना हुआ। उसी दिन उसे दोबारा बेहोश कर जंगल में छोड़ा गया, लेकिन अब फिर ऐरावन में मानव शिकार की आशंका ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
