शिवपुरी पुलिस का फ्लैग मार्च, अवैध अहातों पर कार्रवाई, शराबियों में मची भगदड़

शिवपुरी। शहर की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग रोकने के लिए फिजिकल थाना पुलिस ने शुक्रवार देर शाम मोर्चा संभाला। थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस बल ने क्षेत्र में पैदल फ्लैग मार्च निकाला और अवैध रूप से संचालित किए जा रहे अहातों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने शराब दुकानों पर छापामार कार्रवाई कर अवैध निर्माणों को बंद कराया, जिससे क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने परशुराम चौराहा स्थित ठेकेदार कामेश शिवहरे की शराब दुकान पर आकस्मिक दबिश दी। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर हरी जाली (मेटी) लगाकर अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा था। पुलिस की धमक सुनते ही वहां जाम छलका रहे लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके पर ही इस अवैध व्यवस्था को ध्वस्त कर अहाता बंद कराया। गौरतलब है कि इस स्थान पर शराबियों के जमावड़े को लेकर स्थानीय नागरिक लंबे समय से शिकायत कर रहे थे।
पुलिस का यह फ्लैग मार्च करौंदी सम्बेल से शुरू होकर करौंदी दो बत्ती चौराहा होते हुए सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड तक पहुंचा। गश्त के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पी रहे लोगों को पुलिस ने अंतिम चेतावनी दी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर उपद्रव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आबकारी विभाग पर सवाल: मिलीभगत के आरोप
पुलिस की इस सक्रियता ने एक बार फिर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शासन स्तर पर अहाते बंद होने के बावजूद, शहर के कई क्षेत्रों जैसे गुरुद्वारा चौराहा और ग्वालियर बायपास स्थित दुकानों पर ठेकेदारों द्वारा अस्थाई अहाते चलाने की खबरें हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग की कथित मौन सहमति के कारण ही ठेकेदार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
अभियान रहेगा जारी
थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया ने मीडिया को बताया कि आगामी दिनों में जुआ, सट्टा और अवैध शराब के खिलाफ यह विशेष अभियान और तेज किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।
