18 साल पहले हुई थी LOVE-MARRIAGE, अब अशोकनगर का दंपती महिला को बता रहा अपनी लापता बेटी, महिला बोली-मैं इन्हें नहीं जानती, DNA टेस्ट करा लो…

शिवपुरी | पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। एक विवाहित महिला, जो सालों से अपने ससुराल में खुशहाल जीवन जी रही है, उसे अशोकनगर का एक दंपती अपनी 18 साल पहले लापता हुई बेटी होने का दावा कर रहा है। मामला अब पुलिस की चौखट पर है और महिला ने न्याय की गुहार लगाई है।
18 साल पहले की थी लव मैरिज
मूल रूप से सीहोर जिले के चकलदी गांव की रहने वाली फूलवती परिहार ने बताया कि उसके माता-पिता अमर सिंह और मुन्नी हैं। करीब 18 साल पहले उसने शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौनिया निवासी नवल सिंह परिहार से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही वह अपने पति और ससुराल वालों के साथ रह रही है और उसके अपने माता-पिता से भी संबंध हैं।
7 साल की उम्र में स्कूल से लापता हुई थी बेटी
फूलवती के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ महीने पहले अशोकनगर पुलिस उसके ससुराल पहुंची। पुलिस के साथ आए एक अनजान दंपती ने दावा किया कि फूलवती उनकी वही बेटी है जो करीब 18 साल पहले 7 साल की उम्र में स्कूल से रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई थी। दंपती ने एक 5-6 साल की बच्ची की पुरानी फोटो दिखाते हुए दावा किया कि फूलवती की शक्ल उनकी बेटी से मिलती है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में साल 2011-12 में अशोकनगर में अपहरण का मामला भी दर्ज हुआ था।
महिला का इनकार: मैं इन्हें नहीं जानती, करा लो DNA टेस्ट
इस पूरे घटनाक्रम से फूलवती और उसका परिवार गहरे सदमे में है। महिला का कहना है कि वह उस दंपती को बिल्कुल नहीं जानती और न ही उसका उनसे कोई संबंध है। फूलवती ने आरोप लगाया कि इस दावे के बाद से पुलिस उसे बेवजह परेशान कर रही है। उसने दो टूक शब्दों में कहा कि वह सच्चाई साबित करने के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट कराने को भी तैयार है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
SP से लगाई सुरक्षा और न्याय की गुहार
परेशान होकर फूलवती अपने पति के साथ शिवपुरी एसपी कार्यालय पहुंची और एक शिकायती आवेदन सौंपा। उसने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि उसे और उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है कि आखिर शक्ल मिलने का यह महज एक संयोग है या इसके पीछे कोई और कहानी।
