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काले कुत्ते का खौफ बरकरार: ढाई साल की बच्ची के चेहरे पर 42 टांके, रविवार को फिर पहुंचे 4 नए मरीज

60 से ज्यादा लोगों को काटने वाले कुत्ते की तलाश जारी, नगर पालिका की कार्रवाई पर उठे सवाल

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शिवपुरी। शहर में काले रंग के आवारा कुत्ते का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को 60 से अधिक लोगों को घायल करने के बाद रविवार को भी कुत्तों के हमले के चार नए मामले जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें सबसे गंभीर मामला ढाई वर्षीय लेखिका कुशवाह का है, जिसके चेहरे और मुंह पर कुत्ते के हमले के बाद 42 टांके लगाने पड़े हैं।

लेखिका कुशवाह की ताई सोनम कुशवाह ने बताया कि बच्ची घर की दहलीज पर खड़ी थी, तभी एक काला कुत्ता अचानक उसे खींचकर सड़क की ओर ले गया। बच्ची को बचाने के लिए एक बाइक सवार ने प्रयास किया, लेकिन कुत्ते ने उस पर भी हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के मुंह को जबड़ों में दबाकर घसीटा, जिससे उसके चेहरे और मुंह पर गंभीर घाव हो गए। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर 42 टांके लगाए हैं।

रविवार को भी कुत्ते के काटने के चार नए मामले सामने आए। पुरानी शिवपुरी के महलसराय क्षेत्र निवासी संजू आदिवासी ने बताया कि वह सुबह तालाब की ओर जा रहे थे, तभी एक काले कुत्ते ने अचानक हमला कर उनकी पीठ और हाथ के नीचे काट लिया। इसके अलावा आईटीबीपी क्षेत्र से भी तीन लोगों के कुत्ते के काटने की शिकायतें सामने आई हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को शहर के हनुमान चौराहा, गांधी पार्क, फ्रूट मंडी, नवाब साहब रोड, कस्टम गेट, खुड़ा बस्ती और महल क्षेत्र सहित कई इलाकों में एक काले कुत्ते ने लोगों पर हमला कर दहशत फैला दी थी। फ्रूट मंडी में एक फल व्यापारी पर हुए हमले की घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी।

घटना के बाद नगर पालिका ने अभियान चलाकर काले रंग के चार कुत्तों को पकड़कर पशु चिकित्सालय पहुंचाया था, लेकिन जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद रविवार को फिर हमलों की घटनाएं सामने आने से नगर पालिका की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि शनिवार को 60 से अधिक लोगों को घायल करने वाला कुत्ता अभी भी खुला घूम रहा है या फिर रविवार के हमलों के पीछे कोई दूसरा कुत्ता है। फिलहाल इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोग नगर पालिका और प्रशासन से आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग कर रहे हैं ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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