MLA प्रीतम के बेटे THAR से 5 लोगों को रौंदकर वर्क-आउट करने GYM में गए, हंगामे के बाद बेटे पर FIR, पिता बोले-जनता सर्वोपरि

शिवपुरी। जिले के करैरा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक रसूखदार वाहन की रफ्तार ने जमकर कहर बरपाया। यहाँ पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी पर तेज रफ्तार थार कार से बाइक सवारों और पैदल चल रही महिलाओं को टक्कर मारने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दतिया जिले के ग्राम सहेड़ा निवासी संजय परिहार अपने साथियों आशीष और अंशुल के साथ स्प्लेंडर बाइक (MP 32 ZG 5298) से सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस सहायता केंद्र करैरा से तहसील की ओर जा रहे थे। उनके आगे सीता वर्मा और पूजा सोनी पैदल चल रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक बिना नंबर की काली थार कार ने, जिस पर “विधायक” की पट्टिका लगी हुई थी, सभी को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में 5 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक और पैदल चल रही दोनों महिलाएं सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में संजय परिहार, आशीष, अंशुल सहित सीता वर्मा और पूजा सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद गौरव बघेल और महेंद्र सोनी ने घायलों को उठाकर अस्पताल पहुँचाया। घटना के बाद आरोपी चालक थार समेत मौके से भाग निकला।
विधायक पुत्र और घायलों के बीच बहस का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक पुत्र दिनेश लोधी और घायलों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में दिनेश लोधी कहते नजर आ रहे हैं कि “तीन-तीन लोग बाइक पर बैठकर लहराते हुए क्यों चल रहे थे?” हालांकि, पुलिस ने प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दिनेश लोधी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
विधायक प्रीतम लोधी का बड़ा बयान: जनता सर्वोपरि
मामले के तूल पकड़ते ही पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“मेरे लिए पुत्र या परिवार बड़ा नहीं है, जनता सर्वोपरि है। मैं पुलिस प्रशासन से अपेक्षा करता हूं कि करैरा के पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए और नियमानुसार कार्यवाही हो।”
पुलिस कार्यवाही और विपक्ष के सवाल
करैरा थाना पुलिस ने आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125A के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, स्थानीय हलकों में इस बात की चर्चा है कि एफआईआर होने के बावजूद दुर्घटनाकारित थार गाड़ी अब तक थाने नहीं पहुँची है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
