गैस एजेंसी की बड़ी लापरवाही: शटर बंद कर बाहर फेंकी ग्राहकों की किताबें, ग्रामीणों ने लगाया कालाबाजारी का आरोप
गैस के लिए भटक रहे उपभोक्ता, बाहर मिलीं जमा किताबें

शिवपुरी। जिले के खनियाधाना कस्बे में स्थित माँ वैष्णो इंडेन गैस एजेंसी की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की गैस कनेक्शन किताबें बिखरी मिलीं, जिसे देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि एजेंसी स्टाफ ने करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों की किताबें बाहर फेंक दीं और शटर गिराकर मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार चमरौआ गांव निवासी बल्लू केवट सहित कई ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। बल्लू के अनुसार, कुछ दिन पहले एजेंसी स्टाफ ने सिलेंडर देने का भरोसा दिलाकर उनकी कनेक्शन बुक जमा करवा ली थी, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया। गुरुवार को जब वे फिर से उम्मीद लेकर एजेंसी पहुँचे, तो वहां ताला लटका मिला और उनकी सहित अन्य ग्रामीणों की किताबें सड़क पर लावारिस हालत में पड़ी हुई थीं।
कालाबाजारी का गंभीर आरोप: 2 हजार में बिक रहा सिलेंडर
ग्रामीणों ने गैस एजेंसी पर सिलेंडरों की कालाबाजारी करने के संगीन आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र उपभोक्ताओं को गैस देने के बजाय एजेंसी स्टाफ ब्लैक में सिलेंडरों की बिक्री कर रहा है। आरोप है कि खनियाधाना में एक गैस सिलेंडर के लिए ₹2000 तक वसूले जा रहे हैं। इसी वजह से आम उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है और उनके दस्तावेज इस तरह सड़क पर फेंककर उनका अपमान किया गया।
संपर्क से बच रहे जिम्मेदार
सैकड़ों उपभोक्ताओं के जरूरी दस्तावेज खुले में फेंके जाने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है। इस पूरे घटनाक्रम और कालाबाजारी के आरोपों को लेकर जब एजेंसी संचालक वैष्णवी भारद्वाज से उनके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों ने अब इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं के लाभ से उन्हें वंचित रखकर निजी स्वार्थ के लिए दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
