वार्ड 36 में नल सूखे पड़े पर 2 साल से आ रहा बिल: पानी के लिए तरस रहे लोग, पेनल्टी के डर से आक्रोश

शिवपुरी। शहर के वार्ड क्रमांक 36 स्थित ढीमर मोहल्ले में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहाँ के रहवासी पिछले 2 साल से बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि जिस नगर पालिका के नलों से पानी नहीं टपक रहा, वही विभाग नियमित रूप से बिल भेजने में रत्ती भर भी देरी नहीं कर रहा। नल सूखे होने के बावजूद बिल थमाने की इस हरकत से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ढीमर मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 24 महीनों से सुचारू जल प्रदाय नहीं मिला है। इसके बावजूद हर महीने करीब 200 रुपये का नल बिल उनके घरों पर पहुंच रहा है। स्थिति यह है कि प्यास बुझाने के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपनी मेहनत की कमाई से 600 रुपये तक खर्च कर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। एक तरफ पानी की कमी और दूसरी तरफ टैंकर का अतिरिक्त खर्च, लोगों की कमर तोड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका प्रशासन एक तरफ पानी देने में नाकाम रहा है, तो दूसरी तरफ बिल जमा न करने पर उपभोक्ताओं को पेनल्टी लगाने की चेतावनी दे रहा है। रहवासियों का कहना है कि जब हमने सेवा का लाभ ही नहीं लिया, तो हम बिल और उस पर पेनल्टी क्यों भरें? नगर पालिका की इस हठधर्मिता के खिलाफ अब वार्ड के लोग लामबंद हो रहे हैं।
मोहल्ले के लोगों ने नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते हुए अपनी दो प्रमुख मांगें रखी हैं कि जब तक नियमित पानी की सप्लाई बहाल नहीं होती, तब तक पिछले 2 साल के बिल माफ किए जाएं। फिजिकल क्षेत्र की इस पुरानी समस्या का जल्द से जल्द तकनीकी समाधान कर नलों में पानी पहुँचाया जाए। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।
