जस्टिस फॉर अनय को लेकर CBI जांच की मांग, कलेक्टर की गाड़ी के सामने बैठे पिता

शिवपुरी। में इंटरसिटी बस में जिंदा जलकर चार वर्षीय अनय जैन की मौत के मामले में सोमवार को भारी जनआक्रोश देखने को मिला। ‘जस्टिस फॉर अनय’ की तख्तियां लेकर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और मामले की सीबीआई जांच की मांग की। विरोध प्रदर्शन अग्रवाल धर्मशाला से शुरू होकर माधव चौक, कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। रैली में भाजपा विधायक देवेंद्र जैन और कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह भी एक मंच पर नजर आए और पीड़ित परिवार के समर्थन में शामिल हुए। इस दौरान अनय के 65 वर्षीय दादा प्रकाश चंद्र जैन की तबीयत बिगड़ गई और वह कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों को कलेक्टर नहीं मिले तो भीड़ पोहरी चौराहे पर चक्काजाम की तैयारी करने लगी। इसी बीच अनय के पिता अभिषेक जैन अपने समर्थकों के साथ आगे बढ़ रहे थे, तभी उन्हें कलेक्टर अर्पित वर्मा की गाड़ी दिखाई दी। अभिषेक जैन कलेक्टर की गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए। इसके बाद कलेक्टर वाहन से उतरे और अभिषेक जैन से चर्चा करते हुए उन्हें पैदल अपने कार्यालय ले गए, जहां परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
अनय के पिता अभिषेक जैन ने इंटरसिटी बस संचालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इंदौर से बस रवाना होने के बाद से ही तार जलने जैसी बदबू आ रही थी, जिसकी जानकारी ड्राइवर और स्टाफ को कई बार दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि मक्सी स्थित जैन पथ होटल पर बस रुकने के दौरान रात 11:51 बजे आग लगी और महज चार मिनट में पूरी बस आग का गोला बन गई। आरोप है कि बस में नियम विरुद्ध प्लास्टिक का सामान भरा था, जिससे आग तेजी से फैली। बस में इमरजेंसी गेट की जानकारी तक नहीं थी, न शीशे तोड़ने की व्यवस्था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था।
आक्रोश रैली में कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने आरटीओ विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पैसों के दम पर फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूल बसें ओवरलोड होकर चल रही हैं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पूरे मामले की उच्च स्तरीय अथवा सीबीआई जांच, दोषियों पर कठोर धाराएं लगाने और जिले से गुजरने वाली सभी इंटरसिटी बसों की फिटनेस जांच कराने की मांग की गई। परिजनों ने एफआईआर में BNS की धारा 105, 106(1), गैर इरादतन हत्या तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 192A जोड़ने की मांग भी उठाई है।
