वैश्य परिवार की 1.25 हेक्टेयर की फसल काट ले गए दबंग: एसपी से गुहार के बाद भी नहीं मिली सुरक्षा, अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित

शिवपुरी। खबर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से है। जहां पोहरी तहसील अंतर्गत ग्राम भैंसरावन में कानून का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है। यहाँ एक संभ्रांत वैश्य परिवार की खड़ी फसल को गांव के ही दबंगों ने जबरन बलपूर्वक काट लिया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित परिवार ने फसल कटने की आशंका को लेकर फरवरी और मार्च माह में तहसीलदार से लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) तक को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी ने दबंगों के हौसले इतने बुलंद कर दिए कि वे सरेआम फसल लूट ले गए।
जानकारी के अनुसार ग्राम भैंसरावन निवासी पीड़ित आशुतोष सिंघल पुत्र विष्णु सिंघल ने बताया कि उनकी सर्वे नंबर 619, 620 और 1200 की 1.25 हेक्टेयर कृषि भूमि पर गेहूं की लहलहाती फसल खड़ी थी। गांव के ही दबंग शंकर धाकड़, ललित धाकड़ और सुआलाल आदिवासी अकारण रंजिश रखते हुए काफी समय से भूमि हड़पने की साजिश रच रहे हैं। 18 मार्च 2026 को इन लोगों ने एकजुट होकर खेत पर धावा बोला और जबरन पूरी फसल काटकर अपने कब्जे में कर ली।
पीड़ित का आरोप है कि फसल कटने से पूर्व ही उनके पिता ने 18 फरवरी 2026 को नायब तहसीलदार पोहरी और 18 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन देकर सुरक्षा मांगी थी। दबंगों द्वारा लगातार जान से मारने और फसल लूटने की धमकियां दी जा रही थीं। यदि समय रहते पुलिस या राजस्व विभाग सख्त कदम उठाता, तो आज किसान की खून-पसीने की कमाई लुटने से बच जाती।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। दबंगों द्वारा खुलेआम धमकी दी जा रही है कि “अपनी जमीन और घर-बार छोड़कर गांव से चले जाओ, वरना जान से खत्म कर देंगे।” इतना ही नहीं, विरोध करने पर परिवार को झूठे केस में फंसाने और महिलाओं के माध्यम से फर्जी शिकायतें कराने की धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे पूरा वैश्य परिवार अत्यधिक भयभीत है।
आशुतोष सिंघल ने मंगलवार को पुनः प्रशासन से गुहार लगाते हुए स्वयं संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। पीड़ित ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाए और उनकी लूटी गई फसल वापस दिलाई जाए। अब देखना यह होगा कि क्या शिवपुरी पुलिस इस पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है या दबंगों की लाठी के आगे तंत्र मौन बना रहेगा।
