शिवपुरी में डिजिटल अरेस्ट का खौफ: पुलिस बनकर मजदूर को डराया, अश्लील वीडियो का झांसा देकर ठगी

शिवपुरी। शहर में साइबर ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे सीधे-सादे मजदूरों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला फतेहपुर क्षेत्र का है, जहाँ एक मजदूर को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर हजारों रुपये ऐंठ लिए गए। ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित को अश्लील वीडियो देखने के फर्जी मामले में फंसाने का डर दिखाया। अब पीड़ित ने न्याय के लिए एसपी कार्यालय की साइबर सेल में गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार फतेहपुर निवासी पीड़ित मजदूर रामसिंह जाटव ने बताया कि 6 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने रौब जमाते हुए खुद को पुलिस अधिकारी बताया। ठग ने पीड़ित से कहा कि तुम्हारे खिलाफ भोपाल में अश्लील वीडियो देखने का केस दर्ज हुआ है, पुलिस तुम्हें पकड़ने आ रही है। यह सुनते ही रामसिंह बुरी तरह घबरा गए।
आरोपी ने रामसिंह को डराया कि यदि उन्होंने तुरंत पैसे नहीं दिए, तो उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाएगा और जेल में भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। ठगों ने पीड़ित को हिदायत दी कि वह इस बारे में किसी को न बताए, वरना कानूनी कार्रवाई और कड़ी कर दी जाएगी। बदनामी और जेल के डर से डरे-सहमे मजदूर ने ठगों द्वारा बताए गए नंबर पर 4500 रुपये तुरंत ट्रांसफर कर दिए।
वकील बनकर फिर मांगी रकम, पोल खुली तो दी जान से मारने की धमकी
पैसे मिलने के बाद ठगों की भूख और बढ़ गई। इस बार आरोपियों ने खुद को वकील बताया और दो गवाहों के नाम पर 3500-3500 रुपये की और मांग शुरू कर दी। जब बार-बार पैसों का दबाव बढ़ने लगा, तो रामसिंह को ठगी का शक हुआ और उन्होंने आगे पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न मिलते देख ठग अपनी असलियत पर उतर आए और पीड़ित को फोन पर भद्दी गालियाँ देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे।
साइबर सेल पहुँचा पीड़ित
ठगी का अहसास होने पर रामसिंह जाटव ने एसपी कार्यालय स्थित साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि ठगों के मोबाइल नंबर ट्रेस कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।
