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शिवपुरी नपा में महायुद्ध: अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने सरेआम लौटाई केशबुक; CMO पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं-गायब कर दी मेले की फाइलें

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शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी में अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के बीच चल रही कोल्ड वॉर अब खुले मैदान में आ गई है। सोमवार को नगर पालिका परिसर में उस समय भारी गहमागहमी देखने को मिली, जब अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने केशबुक एकाउंटेंट रविकांत झा को सौंप दी। यह पूरा घटनाक्रम अध्यक्ष के उस वायरल सीसीटीवी वीडियो के ठीक दो दिन बाद हुआ है, जिसमें वह एकाउंटेंट को फटकार लगाते हुए सीएमओ के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल करती नजर आई थीं।

मेरे पास नहीं, चैंबर की अलमारी में थी केशबुक
अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि उन पर झूठे आरोप लगाए गए थे कि वह केशबुक अपने साथ घर ले गई हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, मैं कोई भी शासकीय फाइल अपने घर नहीं ले जाती। केशबुक मेरे चैंबर की अलमारी में ही रखी थी, जिसे आज मैंने विधिवत एकाउंटेंट को सौंप दिया है। अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है जबकि सारी फाइलें कार्यालय में ही मौजूद हैं।

CMO पर फाइल चोरी और भ्रष्टाचार के आरोप
अध्यक्ष शर्मा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने सीएमओ इशांक धाकड़ पर पलटवार करते हुए बेहद गंभीर आरोप जड़े। उन्होंने दावा किया कि गांधी पार्क मेले से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें गायब हैं। अध्यक्ष के अनुसार, सीएमओ साहब खुद फाइलों को अपने घर ले गए हैं। जब कार्यालय के कर्मचारी उनसे फाइल मांगते हैं, तो वह उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। आखिर ऐसी क्या बात है जो फाइलों को छिपाया जा रहा हैै।

प्राचीन सिद्धेश्वर मेले के अस्तित्व पर संकट!
अध्यक्ष ने शिवपुरी के ऐतिहासिक सिद्धेश्वर मेले को लेकर भी प्रशासन को घेरा। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर भूमि पूजन के बाद यह मेला अप्रैल में शुरू होना था और इसके लिए 44 लाख रुपए का टेंडर भी जारी हुआ था। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर गांधी पार्क में 11 लाख रुपए में एक छोटा मेला लगवा दिया गया। अध्यक्ष का कहना है कि एक ही समय में दो मेले होने से मुख्य सिद्धेश्वर मेले के लिए ठेकेदार नहीं मिलेंगे। इससे नगर पालिका को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जानबूझकर सिद्धेश्वर मेले की तारीख अप्रैल से बढ़ाकर मई कर दी गई है, जिससे इस प्राचीन मेले की गरिमा खत्म हो रही है। गांधी पार्क के मेले की जानकारी उन्हें (अध्यक्ष) अंधेरे में रखकर ली गई।

CMO का पलटवार: सब नियमों के तहत, राजस्व का हुआ फायदा
इन तमाम आरोपों पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी इशांक धाकड़ ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नगर पालिका के हित में ही सारे फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गांधी पार्क मेले से नगर पालिका को 17 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो निर्धारित शुल्क के अनुसार है सिद्धेश्वर मेले के टेंडर की प्रक्रिया जारी है और 20 अप्रैल को टेंडर खोले जाएंगे। सिद्धेश्वर मेला 1 मई से भव्य रूप में शुरू होगा, जबकि गांधी पार्क का मेला 30 अप्रैल को खत्म कर दिया जाएगा।नियमों के मुताबिक, नगर पालिका अपने राजस्व लाभ के लिए एक साथ एक से अधिक मेले भी आयोजित कर सकती है।

शिवपुरी की राजनीति में उबाल
अध्यक्ष और सीएमओ के बीच की यह रार अब शहर में चर्चा का विषय बन गई है। एक तरफ अध्यक्ष इसे शहर की परंपरा और राजस्व का नुकसान बता रही हैं, तो दूसरी तरफ अधिकारी इसे नियम सम्मत कार्रवाई करार दे रहे हैं। फिलहाल, केशबुक लौटाने और फाइलों के गायब होने के आरोपों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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