ई-विकास पोर्टल के नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 6 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

शिवपुरी। मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-विकास पोर्टल का उपयोग अनिवार्य किया गया है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शिवपुरी जिले में कुछ विक्रेता बिना पोर्टल के ही उर्वरक बेच रहे थे। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले जिले के 6 प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
इन 6 फर्मों पर गिरी गाज, खनियाधाना और शिवपुरी के विक्रेता शामिल
कृषि विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के विक्रेता शामिल हैं। निलंबित किए गए लाइसेंसों में खनियाधाना क्षेत्र की जैसवाल ट्रेडर्स, जनता एग्रो एजेंसी, और कृषि प्रोडक्ट शामिल हैं। वहीं, शिवपुरी शहर की माँ पीताम्बरा बिल्डिंग मटेरियल व पित्र छाया ट्रेडर्स और करैरा की रामदास गुप्ता फर्म पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि अन्य किसी भी माध्यम से उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है और बिना ई-पॉस मशीन या ई-विकास पोर्टल के खाद बेचना अवैध माना जाएगा।
सतत निगरानी जारी, किसानों से पोर्टल के माध्यम से खाद लेने की अपील
उप संचालक कृषि, शिवपुरी ने बताया कि जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई विक्रेता नियमों के विरुद्ध कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी खाद केवल ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ही प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की सूचना तत्काल विभाग को दें।
