शिवपुरी नगर पालिका में भीषण बवाल: अध्यक्ष ने खोला CMO के खिलाफ मोर्चा, दी मुंह काला करने की धमकी
वायरल वीडियो में हंगामा: अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने कर्मचारियों को लताड़ा, सीएमओ को कहा ‘चोर’, फाइलों पर लगाया रोक
अध्यक्ष पर लगे फाइलों को छीनने, कर्मचारियों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रेशान करने के आरोप

शिवपुरी। खबर नगर पालिका कार्यालय से है। जहां शिवपुरी नगर पालिका में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान मच गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने एक वायरल वीडियो में सीधे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के खिलाफ बेहद तीखे और आपत्तिजनक बयान दे डाले। अध्यक्ष ने लेखा शाखा में पहुँचकर कर्मचारियों पर नाराजगी जताई, फाइलों पर नियंत्रण लिया और सीएमओ को ‘चोर’ और उनका ‘मुंह काला करने’ तक की खुली धमकी दी। यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार दोपहर का बताया जा रहा है, जिसने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले वीडियो में ‘सीएमओ को बताया चोर’
वायरल हुए पहले वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा अपने पति संजय शर्मा के साथ लेखा शाखा में अचानक पहुँचती हैं। वहाँ मौजूद कर्मचारियों से तीखे लहजे में सवाल करती हैं, जिसके बाद कर्मचारी कक्ष से बाहर चले जाते हैं। अध्यक्ष ने तत्काल कैशबुक मंगवाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि उनकी जानकारी के बिना एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर पालिका के बैंक खातों की जानकारी मांगी और उन्हें बंद कराने तक की बात कही। वीडियो में वह सीएमओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें ‘चोर’ कहती नजर आ रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों को यह भी आदेश दिया कि भुगतान से जुड़ा कोई भी आदेश पहले उन्हें बताया जाए, क्योंकि जब तक वह पद पर हैं, नगर पालिका उनके नियंत्रण में है।
दूसरे वीडियो में ‘मुंह काला करने’ की धमकी
एक अन्य वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने भुगतान प्रक्रिया पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी जानकारी के बिना एक रुपए का भी भुगतान हुआ तो उसकी जिम्मेदारी एकाउंटेंट की होगी। उन्होंने सीएमओ को लेकर भी तीखे बयान दिए, “सीएमओ का फेवर मैंने किया है, उसका काला मुंह भी मैं ही करूंगी।” साथ ही एक कंक्रीट से जुड़ी फाइल में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि चोरी सीएमओ ने की है, मैंने नहीं, लेकिन आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं। अध्यक्ष ने एकाउंटेंट से यह भी कहा कि “ध्यान रखना, सीएमओ आज है, कल चला जाएगा, वह जिम्मेदारी नहीं लेगा।” उन्होंने दावा किया कि सीएमओ उनकी बदौलत यहाँ डटा है, उनकी शरण में आया था, और चेतावनी देते हुए कहा कि “चार दिन में उसका मुंह काला करके दिखाऊंगी।”
प्रभारी लेखापाल की शिकायत: “फाइलें छीनी, धमकाया”
इस मामले में प्रभारी लेखापाल रविकांत झा ने सीएमओ को एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, फाइलें छीनी गईं और बिना पावती के अपने पास रख ली गईं। साथ ही कर्मचारियों को धमकाने और भुगतान रोकने के निर्देश देने की बात भी सामने आई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अध्यक्ष और उनके पति कैशबुक को अपने साथ ले गए और किसी भी प्रकार का भुगतान न करने के निर्देश दिए। कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
प्रशासनिक गतिरोध की स्थिति
यह घटना नगर पालिका में एक गहरे प्रशासनिक गतिरोध की ओर इशारा कर रही है। एक तरफ निर्वाचित अध्यक्ष अपनी सत्ता और नियंत्रण को स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी उनके व्यवहार को लेकर असहज हैं। सीएमओ के खिलाफ लगे ‘चोर’ और ‘मुंह काला करने’ जैसे आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक औपचारिक रूप से सीएमओ की प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन नगर पालिका के प्रशासनिक गलियारों में इस पर जोरदार चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में भी इसे अध्यक्ष और सीएमओ के बीच चल रही सत्ता की जंग के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कर्मचारियों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है। इस घटना ने शिवपुरी नगर पालिका के सुचारू कामकाज पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
