शिवपुरी में भारतीय किसान संघ की संभागीय पत्रकार वार्ता, किसानों के मुद्दों पर गरजे पदाधिकारी

शिवपुरी। भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित संभागीय पत्रकार वार्ता में किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। संभागीय अध्यक्ष कल्याण यादव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने से किसानों में भारी रोष है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों द्वारा 0% ब्याज की समय सीमा 28 मार्च के बाद नहीं बढ़ाने से किसानों पर 7% ब्याज और 14% दंड का अतिरिक्त बोझ आ गया है, जबकि गेहूं खरीदी की तारीख 10 अप्रैल कर दी गई है। इस विसंगति के चलते लगभग 60% किसान डिफॉल्टर हो गए हैं।
पराली जलाने पर एफआईआर की कार्रवाई को लेकर भी संघ ने नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक सरकार पराली के निस्तारण का स्थायी समाधान नहीं निकालती, तब तक किसानों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
संघ ने इस वर्ष हुए बंपर गेहूं उत्पादन को देखते हुए 11 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग की और बारदाने की कमी का हवाला देकर खरीदी कम करने के प्रयास को किसान विरोधी बताया। साथ ही ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी का पंजीयन जल्द शुरू करने की मांग भी की गई।
जिला अध्यक्ष बृजेश धाकड़ ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि झूलते तार और खंभे किसानों के लिए जानलेवा बने हुए हैं। शॉर्ट सर्किट से फसलों के जलने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके लिए विभाग जिम्मेदार है। उन्होंने ऐसी घटनाओं में किसान की जनहानी होने पर एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
