आंखों के सामने उजड़ा सुहाग, तो उसी चौखट पर दी जान: खूनी इश्क में पहले प्रेमी की मॉब लिंचिंग, फिर प्रेमिका का सुसाइड

शिवपुरी। खबर जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से है। जहां एक बेहद ही दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रेमी जोड़े की कहानी का अंत बेहद खूनी और दुखद हुआ है। प्यार, तकरार और फिर नफरत की आग में झुलसकर दो जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गई हैं।
खबरों के मुताबिक, 20 वर्षीय वर्षा कुशवाह अपने 26 वर्षीय प्रेमी अर्जुन पाल से बेपनाह मोहब्बत करती थी। लेकिन, सामाजिक बेड़ियों और परिजनों की बंदिशों ने उनके प्यार को कभी कबूल नहीं किया। 30 मार्च की रात वर्षा की सगाई किसी दूसरे युवक से तय कर दी गई थी। जैसे ही यह खबर अर्जुन को लगी, वह बदहवास हालत में अपने दोस्त के साथ वर्षा से मिलने उसके घर पहुंच गया।
रात के अंधेरे में रचा गया मौत का खेल
अर्जुन और वर्षा ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं और वे भागकर शादी करने की योजना बना रहे थे। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रात के करीब 1 बजे अर्जुन जब वर्षा के घर पहुंचा, तो उसके परिजनों को भनक लग गई। अर्जुन का दोस्त तो भागने में कामयाब रहा, लेकिन अर्जुन पकड़ा गया। फिर क्या था? वर्षा के सामने ही उसके पिता, दादा, चाचा और ताऊ ने अर्जुन को बंधक बनाकर जानवरों की तरह पीटना शुरू कर दिया। वर्षा गिड़गिड़ाती रही, अपने प्रेमी की जान की भीख मांगती रही, लेकिन उसके अपनों के दिल नहीं पसीजे। बेदम पिटाई से अर्जुन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से परिजनों ने अर्जुन के शव को पास ही के एक नाले में फेंक दिया और फरार हो गए।
प्रेमी की मौत के गम में वर्षा ने दी जान
अगले दिन सुबह जब ग्रामीणों ने नाले में अर्जुन का शव देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव की पहचान कर पोस्टमार्टम कराया और अर्जुन के दोस्त की शिकायत पर वर्षा के परिजनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस पूछताछ में वर्षा ने पूरी सच्चाई बयां कर दी थी। उसने बताया था कि कैसे उसके सामने ही उसके अपनों ने उसके प्यार को बेरहमी से मार डाला। अर्जुन की मौत के बाद वर्षा पूरी तरह से टूट चुकी थी। वह दिन-रात रोती रहती थी और खुद को कसूरवार मानती थी।
परिजनों के तानों से तंग आकर उठाया आत्मघाती कदम
अर्जुन की मौत के गम और परिजनों के तानों से तंग आकर गुरुवार दोपहर वर्षा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वर्षा की बहन ने बताया कि उसने उसे खाना लाने के लिए रसोई में भेजा था, तभी वह कमरे में गई और खौफनाक कदम उठा लिया। जब बहन लौटी, तो वर्षा की लाश फंदे पर लटकी मिली। यह देखकर वह सन्न रह गई और चीखने-चिल्लाने लगी।
पुलिस जांच में जुटी, फरार आरोपियों की तलाश जारी
सुसाइड की सूचना मिलते ही एसडीओपी संजय मिश्रा और थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वर्षा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। अर्जुन की हत्या के आरोप में वर्षा के पिता और दादा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां प्यार को पाने की जिद में दो जिंदगियां तबाह हो गईं, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक बंदिशों और नफरत ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल है कि क्या प्यार करना इतना बड़ा गुनाह है कि उसकी सजा मौत है? क्या हम आज भी पुरानी रूढ़ियों में जकड़े हुए हैं? इस खूनी प्रेम कहानी का अंत शायद हमें इन सवालों पर सोचने के लिए मजबूर कर दे।
