दस्यु सुंदरी चंदा और चंदा की गैंग के 6 लोगों को 10- 10 साल की जेल,चंदन के एनकाउण्टर के दौरान की थी अंधाधुंध फायरिंग

शिवपुरी। आज शिवपुरी में विशेष न्यायाधीश विवेक पटेल ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गतवाया के जंगल में पुलिस टीम पर फायरिंग कर पुलिसकर्मियों की हत्या करने के प्रयास के मामले में डकैत चंदा गडरिया सहित छह डकैतों को दस-दस साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक लोक अभियोजक संजय शर्मा द्वारा की गई।
अभियोजन के मुताबिक़ 21 दिसंबर 2015 को शिवपुरी एसपी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि चंदन गडरिया गैंग के लोग अपह्त सीताराम जाट को लेकर जतवाया रोड के आसपास जंगल में देखे गए हैं। गैंग की मूवमेंट की सूचना पर तत्कालीन शिवपुरी एसपी मोहम्मद यूसूफ कुरैशी ने चार टीमों बना कर जंगल को घेरने के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने जब घेराबंदी कर रात करीब 10:30 बजे गिरोह को सरेंडर के लिए कहा था। इस पर गिरोह में शामिल डकैतों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। करीब ढाई घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने अपह्त सीताराम जाट को तो रिहा करा लिया था, लेकिन डकैत अंधेरे का लाभ उठा कर भागने में सफल रहे।
इस मामले में पुलिस चंदन गडरिया गिरोह के सदस्य महिला डकैत चंदा पुत्री विजयराम गडरिया उम्र 28 साल निवासी गुर्जा थाना मायापुर, राजाराम पुत्र नंदराम गडरिया उम्र 31 साल निवासी गुर्जा थाना मायापुर, कल्लू पुत्र धनीराम पाल उम्र 38 साल निवासी बंडोरा थाना पिछोर, बलवीर पुत्र परसुराम पाल उम्र 41 साल निवासी लोटना थाना भौंती, मोहन सिंह पुत्र अमन सिंह लोधी उम्र 41 साल निवासी जुंगीपुरा मामौनीखुर्द थाना अमोला, भोजा उर्फ भुजबल पाल उम्र 35 साल निवासी सुनाज के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में प्रकरण कायम किया। पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद गिरोह को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की विवेचना उपरांत प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया। मामले में सुनवाई उपरांत न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर महिला उकैत चंदा गडरिया सहित उसके सभी साथियों को हत्या के प्रयास के मामले में 10-10 साल के सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में डकैत चंदन गडरिया को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
