आयरन की गोली पूरी तरह सुरक्षित, तय मात्रा से अधिक सेवन से बिगड़ी छात्राओं की तबीयत, CMHO बोले जारी रहेगा अभियान

शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम छितीपुर स्थित शासकीय हाईस्कूल में आयरन की गोली खाने के बाद चार विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि छात्राओं की तबीयत आयरन की गोली से नहीं, बल्कि तय मात्रा से अधिक गोलियां खाने के कारण बिगड़ी थी।
जांच में सामने आया कि छात्राओं ने एक से अधिक गोलियां खा ली थीं, जिसके बाद उन्हें परेशानी हुई। समय पर उपचार मिलने के बाद सभी विद्यार्थी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
तय मात्रा में आयरन की गोली पूरी तरह सुरक्षित
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि आयरन की गोली सरकार द्वारा प्रमाणित और सुरक्षित दवा है। देशभर में करोड़ों बच्चों को यह गोली दी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी दवा का निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन परेशानी पैदा कर सकता है।
उन्होंने बताया कि आयरन की गोली खाना खाने के बाद पानी के साथ लेनी चाहिए। गोली को चबाने के बजाय पूरा निगलना चाहिए और इसे खाली पेट लेने से बचना चाहिए।
हर मंगलवार स्कूलों में दी जाती है गोली
एनीमिया यानी खून की कमी बच्चों के स्वास्थ्य, पढ़ाई और शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत स्कूलों में प्रत्येक मंगलवार को बच्चों को आयरन की गोली दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान का उद्देश्य बच्चों में खून की कमी को दूर करना और उन्हें स्वस्थ रखना है।
शिक्षकों और अभिभावकों से अपील
सीएमएचओ ने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि दवा वितरण के दौरान प्रत्येक बच्चे को केवल निर्धारित मात्रा में ही गोली दी जाए और शिक्षक की निगरानी में उसका सेवन कराया जाए। बच्चों को भी दवा की तय मात्रा से अधिक सेवन नहीं करने के लिए जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि छितीपुर की घटना के आधार पर आयरन की गोली को लेकर भ्रम न फैलाएं। निर्धारित मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह दवा सुरक्षित है।
