एक ही ट्रक दो माह में दूसरी बार गौवंश तस्करी में पकड़ा गया, हिंदू संगठनों में आक्रोश, ट्रक राजसात कराने की मांग

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में गौवंश तस्करी का मामला सामने आया है। सिंघन गांव के पास गुरुवार देर रात गौसेवकों और हिंदू संगठनों ने एक ट्रक को रोक लिया, जिसमें गौवंश भरे हुए थे। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रक के साथ मौजूद लोग जंगल की ओर फरार हो गए। सूचना पर बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 2 बजे गौसेवकों और राजेश जी महाराज को गौवंश से भरे ट्रक के निकलने की सूचना मिली थी। इसके बाद लुकवासा और बदरवास क्षेत्र के गौसेवक सिंघन गांव के पास पहुंचे। गौसेवकों को देखकर ट्रक के साथ मौजूद लोग मौके से भाग निकले। बाद में पुलिस को बुलाकर ट्रक उनके सुपुर्द कर दिया गया।
दो माह पहले भी इसी ट्रक पर हुई थी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार जब्त ट्रक RJ 26 GA 9080 इससे पहले भी 11 जून की रात पोहरी थाना क्षेत्र में गौवंश तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। उस समय भी ट्रक में गौवंश को कथित रूप से ठूंसकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में न्यायालय के आदेश पर वाहन छोड़ दिया गया था। अब करीब दो माह के भीतर वही ट्रक दोबारा गौवंश परिवहन करते हुए पकड़ा गया है।
सख्त कार्रवाई और वाहन राजसात करने की मांग
घटना के बाद राजेश जी महाराज ने कहा कि गौवंश तस्करी में पकड़े जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और राजसात (जब्ती) की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कार्रवाई में ढिलाई के कारण वही वाहन दोबारा तस्करी में इस्तेमाल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रक को विशेष रूप से गौवंश परिवहन के लिए मॉडिफाई किया गया है, जिसकी परिवहन विभाग से जांच कराई जानी चाहिए।
पुलिस का पक्ष
पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि 11 जून को इसी ट्रक को गौवंश के साथ पकड़ा गया था और एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुसार वाहन छोड़ा गया था।
वहीं बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि जब्त ट्रक से 4 से 5 गौवंश मिले हैं। ट्रक को जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
