जनसुनवाई में बोले ग्रामीण, साहब! मैं जिंदा हूं, मुझे जिंदा घोषित तो करा दो: ढोंगा गांव के ग्रामीण बोले- 4 महीने से नहीं मिला राशन

शिवपुरी। कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को आदिवासी समुदाय से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए। एक ओर रन्नौद नगर परिषद की बड़ी लापरवाही के चलते एक जीवित युवक को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उसका राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो गया। वहीं दूसरी ओर खनियाधाना क्षेत्र के ढोंगा गांव के आदिवासी ग्रामीणों ने पिछले 3 से 4 महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की।
“साहब… मैं जिंदा हूं, मुझे जिंदा घोषित तो करा दो”
रन्नौद नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-14 निवासी गिलटा आदिवासी ने जनसुनवाई में भावुक होकर कहा, “साहब… मैं जिंदा हूं, मुझे जिंदा घोषित तो करा दो।”
गिलटा ने बताया कि उनके पिता जिगना आदिवासी का 24 अक्टूबर 2022 को निधन हुआ था। वर्ष 2023 में नगर परिषद से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया, लेकिन अशिक्षित होने के कारण वे उसमें दर्ज जानकारी की जांच नहीं कर सके।
कुछ समय बाद उनका राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो गया। बाद में पता चला कि आधार रिकॉर्ड में भी उन्हें मृत दर्शा दिया गया है। करीब एक वर्ष पहले पिता की जमीन का नामांतरण कराने पहुंचे तो खुलासा हुआ कि नगर परिषद ने उनके पिता की जगह गलती से उनका ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि वह पिछले एक साल से रिकॉर्ड सुधारवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब उसने कलेक्टर से रिकॉर्ड दुरुस्त कराकर सभी सरकारी सुविधाएं बहाल कराने की मांग की है।
ढोंगा गांव के आदिवासियों ने उठाया राशन का मुद्दा
जनसुनवाई में खनियाधाना क्षेत्र के ढोंगा गांव के दर्जनों आदिवासी ग्रामीण भी पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले 3 से 4 महीने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन नहीं मिला है। ग्रामीणों ने राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने से उनके परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कर नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने की मांग की।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
