व्यापारी अमन गोयल ने नहीं लौटाए 15 लाख , मुनीम ने जहर खा लिया, बोला: मेरे मरने के बाद पैसे पत्नी को दिला देना,5 पर लगाया आरोप

शिवपुरी। जिले के बदरवास कस्बे में एक मुनीम द्वारा जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में उसे पहले बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर किया गया। उपचार के दौरान मिले सुसाइड नोट में उसने पांच लोगों पर 15 लाख रुपये हड़पने, रकम वापस नहीं करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में लिखा— “मेरे पैसे वापस दिलाओ, पत्नी के खाते में जमा करा देना
मुनीम पुरुषोत्तम धाकड़ ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने भरोसे के आधार पर पांच लोगों को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। उसने प्रशासन और न्यायपालिका से अपील करते हुए लिखा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर उससे वसूली गई रकम उसकी पत्नी के खाते में जमा कराई जाए। उसने यह भी लिखा कि इन लोगों की वजह से वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हुआ।
एफडी पर बैंक से लोन लेकर दिए थे 15 लाख रुपये
सुसाइड नोट के अनुसार पुरुषोत्तम वर्ष 2025 में बदरवास में मुनीम का कार्य करने लगा था। आरोपियों को उसकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की जानकारी थी। उन्होंने जरूरत बताकर उधार मांगा और तय समय में रकम लौटाने का भरोसा दिया। इस भरोसे पर उसने अपनी एफडी के आधार पर बैंक से लोन लेकर कुल 15 लाख रुपये उपलब्ध कराए।
13.50 लाख ऑनलाइन, डेढ़ लाख नकद दिए
सुसाइड नोट में उल्लेख है कि 12 फरवरी 2026 को उसने अपने बैंक खाते से 13 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 1 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। आरोप है कि पूरी राशि 10 अप्रैल तक लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन तय समय निकलने के बाद भी न तो मूल रकम वापस मिली और न ही ब्याज।
पैसे मांगने पर टालमटोल, फिर बदरवास छोड़कर चले गए
पुरुषोत्तम ने लिखा कि जब उसने कई बार अपने पैसे मांगे तो लगातार टालमटोल की गई। बाद में मुख्य आरोपी अमन गोयल और उसके परिवार के लोग बदरवास छोड़कर चले गए तथा फोन उठाना भी बंद कर दिया। उसने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही उनका पैसे लौटाने का इरादा नहीं था।
सुसाइड नोट में इन पांच लोगों के नाम
सुसाइड नोट में पुरुषोत्तम ने अमन गोयल, केदारी गोयल, सुनीलबाई गोयल, कुसुम गोयल और आयुषी उर्फ मुस्कान गोयल को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसका कहना है कि इन लोगों के कारण वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।
बैंक लोन और गिरवी खेत से बढ़ा दबाव
सुसाइड नोट के अनुसार पुरुषोत्तम का मकान बैंक लोन पर है और खेत भी गिरवी रखा हुआ है। 15 लाख रुपये वापस नहीं मिलने से वह भारी कर्ज में डूब गया। लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते उसने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
