शराब माफियाओं पर हावी महिला मंडल: अगर गांव के किसी शराब पी तो देना होगा 5100 का जुर्माना, सड़क पर फेंकी शराब

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के दविया कला गांव में सोमवार को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आदिवासी महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर गांव में संचालित अवैध शराब के ठिकानों पर पहुंचीं और वहां रखी कच्ची व अवैध देसी शराब को सड़क पर फेंककर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। इसके कारण पुरुष शराब की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे आए दिन परिवारों में विवाद, मारपीट और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। शराब की लत से कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और बच्चों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। इसी से परेशान होकर महिलाओं ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की।
दरअसल, 12 जुलाई को आदिवासी सहरिया संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि समाज का कोई भी व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करेगा। यदि कोई शराब पीते हुए पाया जाता है तो उस पर 5100 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही समिति के सदस्यों को गांवों में कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा समाज स्तर पर उनका विरोध करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
गौरतलब है कि इससे पहले 16 जुलाई को खनियाधाना थाना क्षेत्र के कफार गांव में भी आदिवासी महिलाओं ने इसी तरह का अभियान चलाकर अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। महिलाओं ने शराब बनाने के उपकरण तोड़ दिए थे और तैयार कच्ची शराब व महुआ को सड़क पर फेंककर नष्ट कर दिया था। अब दविया कला की घटना ने एक बार फिर जिले में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं के आंदोलन को चर्चा में ला दिया है।
