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मोबाइल छीनने और मारपीट के आरोप पर गरमाया मामला: लोधी युवा शक्ति संगठन ने खनिज निरीक्षक को निलंबित करने की उठाई मांग

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शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील में 19 जून को खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को लोधी युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान युवक मंगल लोधी के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और मोबाइल छीनने की घटना हुई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उल्टा मंगल लोधी के खिलाफ ही शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर दिया गया। संगठन ने खनिज निरीक्षक को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

संगठन के सदस्य कपूर लोधी ने बताया कि 19 जून को पत्थर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खनिज विभाग की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान मौके पर मौजूद कई लोग अपने-अपने मोबाइल फोन से कार्रवाई का वीडियो बना रहे थे। मंगल लोधी भी पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने उनका मोबाइल छीन लिया। जब मंगल लोधी ने अपना मोबाइल वापस मांगा तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया, थप्पड़ मारा गया और धक्का-मुक्की की गई। संगठन का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी मौजूद है, जिसमें पूरी घटना देखी जा सकती है।

ज्ञापन में कहा गया है कि घटना के वीडियो होने के बावजूद खनिज निरीक्षक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, मंगल लोधी के खिलाफ ही शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर दिया गया, जिसे संगठन ने पूरी तरह गलत और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है। संगठन का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस पक्ष की गलती थी।

लोधी युवा शक्ति संगठन ने ज्ञापन में 112 डायल वाहन के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि कार्रवाई के दौरान 112 वाहन का उपयोग किस अधिकारी के आदेश पर और किस वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया गया। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग पूरी तरह नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

जिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी ने कहा कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराई जानी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित को निलंबित किया जाए। यदि जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि मंगल लोधी के खिलाफ दर्ज प्रकरण जांच में गलत साबित होता है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए।

संगठन ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए चेतावनी भी दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा और पूरे मामले की शिकायत प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से भी की जाएगी।

वहीं, इस मामले में पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने खनिज विभाग के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया था। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर, खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने जानबूझकर विवाद की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया था। उन्होंने दावा किया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, उसे काट-छांटकर प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार एक अन्य वीडियो भी मौजूद है, जिसमें मंगल लोधी जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को ले जाने से रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं।

ऋषभ सिंह दीक्षित ने यह भी कहा कि मंगल लोधी के खिलाफ पहले से आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया था, उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेज भी अब तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित वाहन का वास्तविक मालिक कौन है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में खनिज विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है और जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

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