जिले में पहली तेज बारिश में जलमग्न हुआ रेलवे का अंडरपास: 6 से ज्यादा गांवों से टूटा संपर्क

शिवपुरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कोलारस अनुविभाग में लुकवासा-अटरूनी मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से छह से अधिक गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क बाधित हो गया है। अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है।
शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर हुई तेज बारिश के बाद लुकवासा-अटरूनी मार्ग स्थित रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। इसके चलते अटरूनी, रांछी, हिनोतिया, तोरिया, बडेरा, रामपुरी और कंचनपुर सहित आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
4 किलोमीटर की जगह 8 किलोमीटर का सफर
ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास बनने से पहले मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता था। अंडरपास बनने के बाद दूरी कम होने की उम्मीद थी, लेकिन पानी भरने के कारण अब ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्ग से करीब आठ किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है।
इससे किसानों, स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में बना अंडरपास, पहली बारिश में ही भरा पानी
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे अंडरपास की मांग लंबे समय से की जा रही थी। हाल ही में अंडरपास बनकर तैयार हुआ था और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे आवागमन आसान होगा। लेकिन पहली तेज बारिश में ही अंडरपास के जलमग्न होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने अंडरपास में पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो।
पिछले साल के मुकाबले इस साल कम बारिश
भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शिवपुरी जिले में 1 जून से 15 अगस्त तक इस वर्ष 490.59 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 1113.01 मिमी औसत बारिश दर्ज हुई थी। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 816.3 मिमी है।
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में बारिश कम हुई है, इसके बावजूद तेज बारिश के दौरान रेलवे अंडरपास में जलभराव ने ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी कर दी है।
