SP-OFFICE के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा: पत्नी बोली- मेरे 3 बच्चों का पिता 17 साल की लड़की से शादी की तैयारी में, फांसी की मांग

शिवपुरी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर गुरुवार दोपहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब पति-पत्नी आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। पत्नी ने अपने पति पर एक नाबालिग लड़की से संबंध रखने और उससे शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया, जबकि पति ने सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया।
सतनबाड़ा निवासी निशा बानो ने आरोप लगाया कि उसके पति अकरम शाह और सास रुकसाना बानो शादी के बाद से ही उसे और उसके तीन बच्चों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का कहना है कि परिवार को खाने-पीने तक के लिए परेशान किया जाता है और विरोध करने पर जान से मारने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। यदि इस बीच निशा को कुछ होता है तो पति और सास को फांसी देने की मांग भी निशा ने की है।
पति पर नाबालिग को साथ रखने का आरोप
निशा बानो ने दावा किया कि उसका पति एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपने साथ रखे हुए है और उससे शादी करने की तैयारी कर रहा है। महिला का आरोप है कि इस मामले में उसकी सास भी पति का साथ दे रही है। उसने बताया कि इस संबंध में वह पहले भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत कर चुकी है और अपने व बच्चों की सुरक्षा की मांग कर चुकी है।
महिला ने यह भी कहा कि मार्च माह में नाबालिग लड़की के परिजन भी एसपी कार्यालय पहुंचकर अकरम शाह पर लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखने और उसका शोषण करने के आरोप लगा चुके हैं। निशा का कहना है कि यदि उस समय शिकायत पर कार्रवाई होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
सड़क पर शुरू हुई बहस, वीडियो भी दिखाए
गुरुवार को अकरम शाह अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा था। इसी दौरान निशा बानो भी वहां पहुंच गई। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद सड़क तक पहुंच गया। इस दौरान निशा बानो ने कुछ वीडियो भी दिखाए और दावा किया कि उनमें उसका पति एक लड़की के साथ दिखाई दे रहा है।
हालांकि अकरम शाह ने वीडियो में खुद के होने से इनकार करते हुए कहा कि उसके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उसका कहना है कि पत्नी ही उसे प्रताड़ित करती थी, जिसके चलते वह उससे अलग रह रहा है। उसने पूरे मामले का निपटारा न्यायालय के माध्यम से कराने की बात कही।
फिलहाल पुलिस के पास दोनों पक्षों की शिकायतें हैं। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
