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अदालत ने किया बरी, बैराड़ टीआई सुरेश शर्मा ने बना रखा आरोपी, SP तक पहुंची शिकायत

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शिवपुरी। बैराड़ थाना एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। बैराड़ निवासी गिर्राज ओझा ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को शिकायती आवेदन देकर थाना बैराड़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जिन मामलों में अदालत साफ तौर पर दोषमुक्ति का आदेश दे चुकी है, उन मामलों को आज भी पुलिस रिकॉर्ड में लंबित बताकर उन्हें और उनके परिवार को बदनाम किया जा रहा है।

गिर्राज ओझा का कहना है कि उनके भाई ब्रजेश उर्फ छोटू ओझा की पत्नी रजनी ओझा ने कुछ समय पहले बैराड़ पुलिस के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप है कि इसके बाद से पुलिस की नजर पूरे परिवार पर टेढ़ी हो गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस अब पुराने मामलों की फाइलें निकालकर उन्हें अपराधी साबित करने की कोशिश कर रही है।

सबसे बड़ा आरोप यह है कि जिन प्रकरणों में अदालत से बरी होने के आदेश मिल चुके हैं, उन्हें भी पुलिस रिकॉर्ड में न्यायालय लंबित बताया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि ब्रजेश उर्फ छोटू ओझा और गिर्राज ओझा दोनों के कई मामलों में न्यायालय से दोषमुक्ति मिल चुकी है, लेकिन रिकॉर्ड में हकीकत कुछ और दिखाई जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अदालत का फैसला बड़ा है या फिर पुलिस रिकॉर्ड?

गिर्राज ओझा ने यह भी आरोप लगाया है कि जब शिकायत उनके भाई की पत्नी ने की थी, तब उनका व्यक्तिगत आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की जरूरत क्या थी? उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर मामले में घसीटा जा रहा है ताकि परिवार पर दबाव बनाया जा सके। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि थाना प्रभारी सुरेश शर्मा द्वारा कई बार मोबाइल और व्हाट्सएप पर संपर्क किया गया, जिसके स्क्रीनशॉट और कॉल हिस्ट्री भी आवेदन के साथ संलग्न की गई है।

शिकायतकर्ता ने एसपी से मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराई जाए, दोषमुक्त मामलों को लंबित दिखाने वालों की जवाबदेही तय की जाए और परिवार को पुलिस प्रताड़ना से सुरक्षा दी जाए। इधर बैराड़ क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग भी यह सवाल पूछ रहे हैं कि यदि किसी को अदालत से राहत मिल चुकी है तो फिर रिकॉर्ड में उसका नाम आरोपी की तरह क्यों बना हुआ है?

फिलहाल शिकायत एसपी कार्यालय पहुंच चुकी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है और आरोपों की आंच किस-किस तक पहुंचती है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने शिकायतकर्ता की भाई की पत्नि द्वारा टीआई सुरेश शर्मा पर लगाए गए आरोपों में कहा कि कार्यवाही के बाद दूसरा पक्ष अपने बचाव में शिकायत करता है साथ ही सीसीटीवी फुटेज से ले जाने के सवाल पर उन्होने फुटेज देखने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

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