सुखदेव हॉस्पिटल में डिलेवरी के बाद महिला की मौत: सरकारी डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप, DM से लाइसेंस रद्द करने की मांग

शिवपुरी। शहर के निजी सुखदेव हॉस्पिटल के खिलाफ जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा के समक्ष एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। सर्वोदय नगर निवासी गगन अग्रवाल ने अपनी पत्नी निधि अग्रवाल की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन और ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित पक्ष ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, निधि अग्रवाल को 28 मार्च 2026 को प्रसव के लिए सुखदेव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहाँ मेडिकल कॉलेज की गाइनोकॉलोजिस्ट डॉ. शिखा जैन ने उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही निधि की तबीयत बिगड़ने लगी थी, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा उनकी उचित निगरानी नहीं की गई。
परिजनों का आरोप है कि निधि को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और यूरिन आना भी बंद हो गया था। इन गंभीर लक्षणों के बारे में बार-बार बताने के बावजूद डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
गगन अग्रवाल ने अपनी शिकायत में एक बड़ा सवाल यह भी उठाया है कि शासकीय ड्यूटी के दौरान सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पताल में ऑपरेशन करना नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने शिकायत के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज कलेक्टर कार्यालय में सौंप दिए हैं। गगन का कहना है कि पूर्व में दस्तावेज एकत्रित करने के कारण शिकायत में देरी हुई थी, लेकिन अब वे न्याय के लिए अंत तक लड़ेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शिकायतकर्ता को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
