बूंद-बूंद को तरसती शहर की पौने 3 लाख जनता: 4 दिन से सिंध की सप्लाई ठप, नपा में चल रहा कुर्सी बचाओ-माल कमाओ खेल!

प्रिंस प्रजापति@शिवपुरी। आसमान से आग बरस रही है, सूरज देवता आग उगल रहे हैं और गर्मी की भीषणता को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई हैं। लेकिन, इन खौफनाक हालातों के बीच शिवपुरी शहर की पौने 3 लाख की आबादी नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। शहर में भीषण जल संकट गहरा गया है, और जनता दिन भर पानी की कट्टियां ढोने में ही अपनी ऊर्जा और समय बर्बाद कर रही है। जिम्मेदार एजेंसी नगरपालिका गहरी नींद में सो रही है, या यूं कहें कि वह कुर्सी बचाने और भ्रष्टाचार के खेल में इतनी व्यस्त है कि उसे जनता की प्यास से कोई लेना-देना नहीं है।
सिंध ठप, लू के बीच पानी का कुरुक्षेत्र
सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई पिछले 4 दिनों से पूरी तरह ठप है। बताया जा रहा है कि सप्लाई मोटर खराब हो गई है, लेकिन तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पानी की खपत कई गुना बढ़ गई है। भीषण गर्मी में कूलरों में हर घंटे पानी लग रहा है, और पीने के पानी की तो बात ही छोड़िए। ऐसे में शिवपुरी शहर की सड़कों पर मासूम बच्चों से लेकर वृद्धों तक, हाथों में पानी की खाली कट्टियां लिए, दुपहिया वाहनों और साइकिलों पर पानी भरते हुए नजर आ रहे हैं। लू के थपेड़ों के बीच वे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जो उनकी बेबसी और गुस्से को बयां कर रहा है।
सांसद जी का विकास का दावा और जमीनी हकीकत
जिस शहर में भीषण गर्मी के बीच लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हों, वहां के माननीय सांसद नपा में चल रहे विवाद से खुद को दूर करके बड़ी बेबाकी से बोले कि विकास तो मैं करवा लूंगा। सवाल यह है कि सांसद जी, विकास तो शहर के बाज़ार की टूटी सड़कों पर साफ़ दिख रहा है। आप शहर की जनता को मूलभूत सुविधा यानी पानी ही दिलवा दें, तो जनता के लिए वही काफी होगा। जनता हवाई विकास नहीं, बल्कि पीने के लिए पानी मांग रही है।
नपा में कुर्सी बचाओ-भ्रष्टाचार कमाओ अभियान
शिवपुरी की जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन नगरपालिका में तो अध्यक्ष बनाम सीएमओ का हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। दोनों आमने-सामने हैं, और शहर की जनता के साथ-साथ कई पार्षद भी भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा दिलवाना चाहते हैं। पानी सप्लाई की मोटरों की रिपेयरिंग करवाने की चिंता करने की बजाए, सीएमओ का नाम लोकायुक्त के ट्रैपिंग कांड में सामने आ रहा है। शहर में फिलहाल यही सब चल रहा है अभी तो माल कमाओ, जिसे कुर्सी बचाने में लगाओ। और जनता इन नारकीय हालातों को झेलने के लिए अभिशप्त है।
दिल्ली का वीटो और गायब फाइलें
भ्रष्टाचार के मामले में नपाध्यक्ष एवं सीएमओ को सहआरोपी बनाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। जांच में भ्रष्टाचार साबित हो गया है और करोड़ों की फाइलें गायब कर दी गई हैं। लेकिन, ताज्जुब की बात यह है कि दिल्ली में हाथ जोड़कर लगाई जाने वाली हाजिरी अधिक कारगर साबित हो रही है। शहर की जनता विकास नहीं, बल्कि मूलभूत सुविधाएं मांग रही है। सांसद जी, वो ही दिलवा दो, तो हम मान लेंगे कि शिवपुरी आधुनिक पर्यटन नगरी बन गई है।
