प्रशासनिक रसोइया निकला ठगी का मास्टरमाइंड: पोहरी में कोटवार नियुक्ति के नाम पर ₹80 हजार की चपत, FIR दर्ज

शिवपुरी। जिले की पोहरी तहसील में कोटवार की नियुक्ति दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से अवैध वसूली करने वाले एक रसोइए के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के यहाँ खाना बनाने वाले गुलाब बाथम के खिलाफ शुक्रवार को धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सोशल मीडिया पर पैसे के लेन-देन का वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया था, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
नायब तहसीलदार सुनील यादव ने पोहरी थाने में लिखित आवेदन देकर आरोपी गुलाब बाथम, निवासी ब्लॉक कॉलोनी (कृष्णगंज) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 3 अप्रैल को ठगी का वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एफआईआर के निर्देश दिए थे।
मामले की तह में जाने पर पता चला कि ग्राम नौगांव तिघरा के कैलाश परिहार और अन्य कुछ युवाओं ने कोटवार पद के लिए आवेदन किया था। रसोइए गुलाब बाथम ने अधिकारियों से अपनी नजदीकी का फायदा उठाकर कैलाश परिहार से नियुक्ति कराने के बदले 80 हजार रुपये ऐंठ लिए। रुपये लेने के बाद आरोपी करीब 6 महीने तक आवेदकों को फर्जी आश्वासन देकर गुमराह करता रहा।
पीड़ितों की शिकायत जब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोहरी के संज्ञान में आई, तो जांच के दौरान चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि पूर्व में जो नियुक्ति आदेश जारी किया गया था, वह पूरी तरह विधि विरुद्ध था। प्रशासन ने उस आदेश को तुरंत निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम में तत्कालीन तहसीलदार की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब आरोपी गुलाब बाथम का रुपये लेते हुए वीडियो सार्वजनिक हो गया। वीडियो में भ्रष्टाचार की स्पष्ट झलक मिलने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के खेल में रसोइए के साथ और कौन-कौन से रसूखदार चेहरे शामिल थे।
