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शिवपुरी में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने आधा वेतन मिलने के विरोध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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शिवपुरी। जिले के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के नाम पर बड़ा शोषण का मामला सामने आया है। शासन से मिलने वाले पूरे वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले भर के लगभग 400 आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद कर मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि ठेका कंपनी उन्हें मिलने वाले वेतन का आधा हिस्सा डकार रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी भानु धाकड़ और पूजा बुनकर ने बताया कि वे नवंबर 2025 से उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। शासन के नियमानुसार कंपनी को प्रति कर्मचारी लगभग 14,250 रुपए (475 रुपए प्रतिदिन) का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के हाथ में केवल 7,000 रुपए ही थमाए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब अन्य जिलों में पूरा वेतन मिल रहा है, तो शिवपुरी में यह आधा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?

वेतन में कटौती के साथ-साथ कर्मचारियों ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर भी आक्रोश जताया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उन्हें पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआई (बीमा) जैसी कानूनी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। भर्ती के शुरुआती चार महीनों से ही यह आर्थिक शोषण जारी है, जिसके विरोध में अब सभी 400 कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

सैकड़ों कर्मचारियों के एक साथ काम बंद करने से जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। इस मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषेश्वर का कहना है कि विभाग ने आउटसोर्स कंपनी को पूरा भुगतान कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों ने बिना सूचना के हड़ताल शुरू की है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे कंपनी प्रबंधन से बात कर इस विसंगति को दूर करने का प्रयास करेंगे।

कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक उन्हें 14,250 रुपए प्रतिमाह का पूर्ण भुगतान और पीएफ जैसी सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन भ्रष्ट कंपनी पर नकेल कसता है या फिर इन 400 परिवारों का शोषण इसी तरह जारी रहता है।

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