भ्रष्ट नगर पालिका की पोल खोलने भ्रष्ट पटवारियों की ड्यूटी: घर बैठे ही कर डाली आवास योजना के पात्र-अपात्रों की जांच
भ्रष्टाचार के अड्डे में बिस्तरबाज पटवारियों का कब्जा: कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखा रहे जांचकर्ता!

प्रिंस प्रजापति@शिवपुरी। शहर के भ्रष्टाचार का अड्डा कहा जाने बाली नगरपालिका में एक के बाद एक भ्रष्टों के कार्यों का कालाचिट्टा सामने आ रहा है। एक ओर नगर पालिका में महायुद्व जारी है इस बीच शहर के लोगों को इस भ्रष्टाचार की चक्की में पीसा जा रहा है। नगर पालिका में आवास योजना की जांच के नाम पर नए भ्रष्टाचारियों के कारनामे उजागर हुए है। जिस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पटवारियों की फौज उतारी गई थी, वही अब इस लूटतंत्र के नए खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
लोहे को लोहे से काटने की जुगत पड़ी भारी
भ्रष्टाचार में लिप्त नगर पालिका की पोल खोलने कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने नप में आवास योजना के फॉर्म में पात्र अपात्र हितग्राहियों की जांच हेतु पटवारियों की नियुक्ति की। ताकि भ्रष्टाचार का अड्डा बनी नगर पालिका के प्रकोप से पात्र हितग्राहियों को बचाया जा सके और शहर की जनता को योजना का लाभ मिल सके। पटवारियों की ईमानदारी की चर्चा भी लोकायुक्त की कार्यवाहियों से शहर में चर्चा का बिषय है। इस बीच पटवारियों की डयूटी पात्र/अपात्र को चयन करने के लिए लगाई गई हो तो क्या स्थिति होगी यह बात एक स्वाविक सी बात है। एक भ्रष्टाचार को रोकने दूसरे भ्रष्टाचारियों की डयूटी शहर की बदहाल व्यवस्था और योजना का बंटाधार करने में कारगार साबित भी हुई।
बिस्तर से हुई फील्ड की जांच: घर बैठे ही तय कर दी हजारों गरीबों की किस्मत
जब पटवारियो ने कलेक्टर के आदेश पर दिए नप में आवास योजना के फॉर्म में पात्र अपात्र हितग्राहियों की जांच का कार्य किया तो उन्होने विस्तर को न छोड़ते हुए घर बैठे ही जांच कर पात्र/अपात्रों का निर्णय कर दिया। न कोई फोन आया, न कोई दरवाजा खटखटाया गया, फिर भी गरीबों को अपात्र की सूची में डाल दिया गया। इन पटवारियों ने कलेक्टर के आदेश को अपने भ्रष्टाचार में शामिल कर लिया और कई पात्र हितग्राहियों को अपात्र तक कर दिया। इतना ही नहीं अपने चहेतों को पात्रिता का तमगा दे दिया और अपनी जेब भरने का काम किया है।
जब पात्रों को अपात्र करने की स्थिति में जब हितग्राहियों ने अपने संबंधित पटवारियों से बात की कि आप तो जांच करने आए ही नहीं तो हमें अपात्र कैसे कर दिया। नाहिं कोई फोन किया नाहिं कोई सूचना दी जबकि हम पात्रता की श्रेणी में है तो पटवारियों का बेशर्म जवाब था कि तुम फिर से अपील करो और फिर से आवेदन करो उसके बाद जांच की जाएगी। अब ऐसे में इन भ्रष्टाचारियो को कलेक्टर ने नियुक्त तो कर दिया पर इनके द्वारा पात्रों के हितों को छीना जा रहा है पर इन भ्रष्टों की जांच कौन करेगा। कलेक्टर के आदेश को भी यह भ्रष्ट पटवारी ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।
भ्रष्टाचार की पोल खोलने कलेक्टर ने इन भ्रष्टों को नियुक्त किया जो किसानों का खून चूसनें के लिए प्रसिद्व है। जब ऐसे भ्रष्टों को नियुक्त किया जाएगा तो यह लोग भ्रष्टाचारियों के साथ हाथ मिलाकर जनता का दोहन करेंगे और मलाई खाऐंगे। अब शिवपुरी शहर का क्या होगा ये तो राम ही जाने।
इनका कहना है…
आपके द्वारा मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर कोई हितग्राही किसी कारणवश छूट गया है, तो हम उनके आवेदन पर पुनः जांच कर उन्हें लाभान्वित करेंगे। पटवारियों के संबंध में घर बैठे जांच करना संभव नहीं है, फिर भी यदि ऐसा हुआ है तो हम इसकी गंभीरता से जांच कराएंगे।
सिद्धार्थ शर्मा, तहसीलदार शिवपुरी
