सत्ता की हनक में चूर भाजपा महामंत्री व पार्षद की शर्मनाक करतूत: घर में घुसकर मासूम से RAPE के प्रयास की कोशिश, एसपी से शिकायत

प्रिंस प्रजापति@ शिवपुरी। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टोंगरा रोड इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न केवल मानवता को शर्मसार किया है बल्कि सत्ता की हनक और रसूख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक महिला ने वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद और भाजपा पुरानी शिवपुरी मंडल के महामंत्री सुधीर प्रताप आर्य पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ मर्यादा की हदें पार करने और जबरन गलत काम करने की कोशिश का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह मामला अब जिले की सियासत और पुलिस प्रशासन के गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
घटना की मार्मिकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस वक्त माँ अपनी आजीविका चलाने के लिए ब्यूटी पार्लर पर काम कर रही थी, उसी वक्त घर की दहलीज लांघकर आरोपी ने मासूम की अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की। आरोप है कि 7 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे पार्षद सुधीर प्रताप आर्य ने घर में घुसकर नाबालिग को डराया-धमकाया और उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। जब पीड़िता का भाई मौके पर पहुँचा, तब जाकर आरोपी के चंगुल से मासूम छूट सकी।
इस मामले में सबसे डरावना पहलू आरोपी का कथित बाहुबली चेहरा है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि आरोपी ने न केवल अपराध किया, बल्कि अपनी सत्ता और पद का धौंस दिखाते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। रसूखदार पार्षद की धमकियों ने इस गरीब परिवार को इतना डरा दिया कि वे थाने जाने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। अंततः, न्याय की आस में सिसकता हुआ परिवार पुलिस अधीक्षक की चौखट पर पहुँचा और सुरक्षा की गुहार लगाई।
कोतवाली में आवेदन देने के बाद घटना को दबाने और सेटलमेंट करने की चर्चाएं भी शहर में शोसल मीडिया पर हो रही है। अब सवाल शिवपुरी पुलिस और सत्ताधारी दल के नैतिक मूल्यों पर है। एक तरफ जहाँ बेटी बचाओ के नारे दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के पदों पर बैठे व्यक्ति पर ही नाबालिग की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप लग रहे हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि रसूख की आड़ में छिपे ऐसे चेहरों को बेनकाब किया जा सके। पूरा शहर अब यह देख रहा है कि कानून इस बाहुबली रसूख के आगे झुकता है या उस पीड़ित मां और बेटी को न्याय दिलाता है।
इनका क्या कहना है
मारपीट और छेड़छाड़ के मामले को लेकर हमारे पास दोनो पक्ष आए थे, यहां काफी देर तक आपस में बात चलती रही फिर कोई पक्ष हमारे पास नही आया, हमने बयान दर्ज कर लिए थे, कोई पक्ष वापिस नही आया, बांकि जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
रोहित दुबे,थाना प्रभारी थाना कोतवाली
