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सफलता की कहानी: इस मिशन से जुड़कर कामयाबी के शिखर पर पहुंची 8वीं पास शिवपुरी की रेखा, 30 हजार महीना कमा रहीं है, पढ़िए कैसे…

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शिवपुरी। विकासखण्ड करैरा निवासी रेखा कुशवाह कक्षा 8वीं पास है। वे दुर्गा माता स्वसहायता समूह से जुड़ी, आजीविका गतिविधियों के तहत ढावा संचालन का कार्य किया और गुमनामी से बाहर निकल कर आज अपने क्षेत्र की एक आत्मनिर्भर जागरूक एवं सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान बनाई। साथ ही हजारों महिलाओं के लिये प्रेरणा का स्त्रोत वन कर कामयावी के शिखर पर उभरी हैं।

रेखा कुशवाह बताती है कि समूह से जुड़ने के पूर्व उनकी अपने ग्राम में भी कोई पहचान नहीं थी। आर्थिक स्थिति अत्यंत खराव होने के कारण बच्चों को पढ़ाई-लिखाई कराने में भी कठिनाई थी। घर का खर्च कृषि एवं मजदूरी से मुश्किल से चल रहा था। इन परिस्थितियों में रेखा का मनोवल कभी नीचा नहीं हुआ वह हमेशा एक अच्छे अवसर की तलाश में रहतीं थीं। रेखा दीदी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह में जुड गईं और यहां से उनकी तरक्की का सफर शुरू हुआ।

मिशन द्वारा गठित समूह से जुडने के वाद जैसे रेखा के अरमानों को पंख लग गये, उन्होंने 13 सूत्रों का पालन करते हुये समूह का संचालन बहुत अच्छे से करना शुरू कर दिया। समूह से जुडने के वाद अनेक प्रकार के प्रशिक्षण में तथा ग्राम संगठनों व सीएलएफ के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की रोज नई-नई जानकारियां हासिल करके रेखा बहुत सजग एवं जागरूक होती गईं। उन्होंने समूह के माध्यम से प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्राप्त कर आजीविका गतिविधियां शुरू कीं, जिससे उनके परिवार की आय में धीरे-धीरे वृद्धि होना शुरू हो गई, इसके बाद उनके परिवार के दिन बदलने लगे। आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद रेखा ने अपने समूह से वित्तीय सहायता लेकर ढावा संचालन का कार्य शुरू किया जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि हुई एवं प्रतिमाह लगभग 25-30 हजार रूपये मासिक हो गई।

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