इंद्र का घमंड तोड़ने भगवान श्री कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया: सौरव कृष्ण शास्त्री

शिवपुरी। शिवपुरी के न्यू शिव कॉलोनी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में आज भगवान श्री कृष्ण जी की कथाओं का वर्णन किया गया। इस कथा में आज श्री धाम वृंदावन से पधारे संत सौरव कृष्ण शास्त्री ने गोवर्धन पर्वत की लीला का वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्री गोवर्धन महाराज की स्थापना करके 56 भोग लगाए गए।
कथा व्यास ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को पुरानी चली रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया। इस तरह से भगवान ने इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए गोवर्धन जी पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया।
इस मौके पर प्रांगण में गिरिराज पर्वत की झांकी सजाई गई एवं छप्पन भोग लगा कर श्रद्घालुओं को प्रसादी वितरित की गई। यह आयोजन मुरारी लाल मुदगल, महावीर मुदगल, हरिओम मुदगल, राधेश्याम मुदगल और मुदगल परिवार द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका भंडारा 17 अप्रैल को किया जाएगा।
