स्वतंत्रता दिवस पर पंचायत भवन परिसर में नीचे पड़ा मिला तिरंगा, ग्रामीणों ने ससम्मान उठाया; जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पोहरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रई में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन परिसर में तिरंगा नीचे पड़ा हुआ मिला। यह देखकर ग्रामीणों ने आगे बढ़कर राष्ट्रीय ध्वज को ससम्मान उठाया।
घटना ऐसे समय सामने आई, जब पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा था। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी जा रही थी। वहीं हर्रई ग्राम पंचायत में पंचायत भवन परिसर में तिरंगा नीचे पड़ा मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
न सरपंच पहुंचे, न सचिव की मौजूदगी
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों के मुताबिक न तो सरपंच मौके पर पहुंचे और न ही सचिव की मौजूदगी दिखाई दी। ऐसे में पंचायत भवन पर स्वतंत्रता दिवस समारोह की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच द्वारा गांव के ही किसी व्यक्ति से झंडा फहराने के लिए कहे जाने की बात सामने आई है। यदि ऐसा हुआ है तो राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि और जिम्मेदार कर्मचारी स्वयं मौजूद क्यों नहीं रहे, यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों ने संभाला राष्ट्रीय ध्वज
पंचायत भवन परिसर में तिरंगा नीचे पड़ा दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने उसे उठाया और सम्मानपूर्वक सुरक्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के दिन तिरंगे का इस तरह नीचे पड़ा मिलना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर पंचायत भवन में ध्वजारोहण और राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी पंचायत के जिम्मेदारों की होती है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराए जाने और यह स्पष्ट किए जाने की मांग की है कि पंचायत भवन परिसर में तिरंगा नीचे कैसे पहुंचा और कार्यक्रम के दौरान पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे।
फिलहाल मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। तिरंगे के नीचे मिलने की घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
