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शिवपुरी में बिजली संकट पर बवाल: एक ही दिन में ऊर्जा मंत्री की निकली अर्थी, दूसरे गांव में फूंका पुतला; ग्रामीणों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप

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शिवपुरी। जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। एक ही दिन में बिजली व्यवस्था के विरोध में दो बड़े प्रदर्शन हुए। पहले ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की सांकेतिक अर्थी निकालकर विरोध जताया, वहीं अब बामौरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम पोटा में ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंककर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पोटा निवासी पुष्पेन्द्र लोधी ने बताया कि गांव में पिछले चार-पांच दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। 27 जुलाई की रात करीब 9 बजे वह अपने साथियों बृजेश कोली, सोनू वंशकार, गजेंद्र लोधी, श्लोक जाटव, कृपाल जाटव, नेतसिंह लोधी, भानसिंह लोधी, देवेंद्र लोधी और बालकिशन लोधी सहित करीब 50 ग्रामीणों के साथ पोटा पावर हाउस पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की, लेकिन कर्मचारियों ने लाइनमैन से संपर्क करने की बात कह दी। इसके बाद ग्रामीण पावर हाउस के सामने धरने पर बैठ गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ देर बाद बामौरकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी कारण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से हटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान कुछ लोग चोटिल भी हुए। मामले में पुष्पेन्द्र लोधी ने थाना प्रभारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन दिया, जिसकी प्राप्ति 29 जुलाई को दर्ज की गई।

प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी भी मौजूद रहे। उन्होंने बिजली विभाग और प्रशासन से गांव की बिजली समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार

बामौरकलां थाना प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों के मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने पोटा पावर हाउस के बाहर सड़क जाम कर दी थी, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था। पुलिस ने केवल जाम खुलवाकर लोगों को सड़क से हटाया था। उनके अनुसार किसी भी ग्रामीण के साथ मारपीट नहीं की गई।

लगातार बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश अब प्रशासन और बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ही दिन में ऊर्जा मंत्री की अर्थी निकालने और दूसरे गांव में उनका पुतला फूंकने जैसी घटनाओं ने जिले की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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