ऊर्जा मंत्री के प्रभार वाले जिले में बिजली संकट पर फूटा गुस्सा: ग्रामीणों ने निकाली शव यात्रा, अंतिम संस्कार के बाद किया सामूहिक स्नान

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शिवपुरी। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री के प्रभार वाले शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। जिले के सिरसौद क्षेत्र में बुधवार को ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगाकर प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली, पूरे गांव में अंतिम यात्रा निकालने के बाद काली माता मंदिर परिसर में उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इसके बाद ग्रामीण पंचायत के बोरवेल पर पहुंचे और सामूहिक स्नान कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बिजली कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले लंबे समय से अघोषित और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की सिंचाई, पेयजल व्यवस्था, छोटे कारोबार और घरेलू कामकाज भी बिजली संकट के कारण प्रभावित हो रहे हैं।

रामराजा मंदिर से शुरू हुई प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सिरसौद के रामराजा मंदिर से हुई। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगी प्रतीकात्मक अर्थी को कंधों पर उठाकर अंतिम यात्रा निकाली। यह यात्रा गांव के बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रास्तेभर ग्रामीणों ने बिजली कंपनी और बिजली व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए तथा नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की।

काली माता मंदिर में किया अंतिम संस्कार

अंतिम यात्रा काली माता मंदिर परिसर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगी प्रतीकात्मक अर्थी का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना था कि यह विरोध सरकार और बिजली विभाग का ध्यान क्षेत्र की गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

अंतिम संस्कार के बाद किया सामूहिक स्नान

प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के बाद भी विरोध समाप्त नहीं हुआ। सभी ग्रामीण पंचायत के बोरवेल पर पहुंचे और सामूहिक रूप से स्नान किया। ग्रामीणों ने इसे भी अपने विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि लगातार बिजली संकट के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और अब मजबूर होकर इस तरह के प्रतीकात्मक आंदोलन करने पड़ रहे हैं।

आश्वासन के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुए चक्काजाम के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति में सुधार का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन उसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। क्षेत्र में अब भी लगातार बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है।

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