21 जून से लापता टैक्सी ड्राइवर का सड़ा-गला शव बस स्टैंड की छत पर मिला, हत्या या ओवरडोज? कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस

शिवपुरी। शहर में 21 जून से लापता टैक्सी चालक गोलू उर्फ अशोक रजक का सड़ा-गला शव शुक्रवार को बस स्टैंड स्थित कोटा यात्री प्रतीक्षालय की छत पर मिलने से सनसनी फैल गई। शव कई दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस हत्या, नशे की ओवरडोज और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मृतक गोलू उर्फ अशोक रजक झांसी रोड स्थित रेंज ऑफिस के पास का निवासी था और टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी पत्नी मोहनी रजक ने बताया कि 21 जून की सुबह गोलू अपनी टैक्सी लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी शाम उसकी टैक्सी नीलगर चौराहे पर लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद परिजनों ने देहात थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। कई दिनों बाद अब उसका शव बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय की छत पर मिला है।
मोहनी रजक ने आरोप लगाया है कि उनके पति को आखिरी बार कल्लू खटीक और भैयालाल खटीक के साथ देखा गया था। उनका कहना है कि दोनों स्मैक का नशा करते हैं और उन्हें पति की मौत पर इन्हीं दोनों पर संदेह है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक गोलू रजक भी नशे का आदी था। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं उसकी मौत स्मैक के हाई डोज, अत्यधिक शराब सेवन या किसी अन्य कारण से तो नहीं हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।
