लापरवाह शिक्षकों पर गिरी गाज: कलेक्टर के औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर रोकी गई वेतनवृद्धि

शिवपुरी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। शासकीय कार्यों में लापरवाही और स्कूल से नदारद रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी एक वार्षिक वेतनवृद्धि (असंचयी प्रभाव से) रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान खुली पोल
हाल ही में कलेक्टर अर्पित वर्मा शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय सिंहनिवास और शासकीय माध्यमिक विद्यालय खौरघार का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि कई शिक्षक अपनी ड्यूटी के समय स्कूल में उपस्थित नहीं थे। शिक्षकों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
अनुपस्थित पाए जाने पर निम्नलिखित शिक्षकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था, जिनका जवाब संतोषजनक न होने पर शास्ति अधिरोपित की गई है:
- शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय सिंहनिवास: अरविन्द श्रीवास्तव (सहायक शिक्षक एवं शाला प्रभारी), कृष्णराम बंसल (सहायक शिक्षक), मालती कुशवाह (प्राथमिक शिक्षक), कल्पना गुप्ता (माध्यमिक शिक्षक) और सविता श्रीवास्तव (माध्यमिक शिक्षक)।
- शासकीय माध्यमिक विद्यालय खौरघार: रश्मि वर्मा, प्रभाकर शर्मा, लक्ष्मी माथुर और वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (शिक्षक एवं शाला प्रभारी)।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूलों में उपस्थित रहें। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारना और शिक्षकों की जवाबदेही तय करना है।
