शिवपुरी के टोंटी चोर: 110 करोड़ का सीवर डकारने वाले साहब अब सरकारी बंगले से उखाड़ ले गए फर्श और दीवारें!
कुत्तों के लिए तोड़ी सरकारी दीवार! EE सिंह की अजीब सफाई- मेरे खर्चे की बाउंड्री है, गांव ले जाकर कुत्तों का घर बनाऊंगा

प्रिंस प्रजापति@शिवपुरी। जिले में भ्रष्टाचार की कहानियाँ तो बहुत सुनी होंगी, लेकिन पीएचई (PHE) विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) एल.पी. सिंह ने जो कारनामा कर दिखाया है, उसने समाजवादी टोंटी चोर के किस्सों की याद ताजा कर दी है। पिछले 4 सालों से शिवपुरी में मलाई काट रहे एल.पी. सिंह का तबादला क्या हुआ, साहब सरकारी बंगले के प्रति अपना निजी मोह इस कदर दिखा रहे हैं कि जाते-जाते सरकारी आवास की शक्ल बिगाड़ने पर उतारू हो गए हैं।
उखाड़ दिए पेवर ब्लॉक और बाउंड्री
मोहनी सागर कॉलोनी स्थित सरकारी बंगले E-4 में रहने वाले साहब ने अपनी सुख-सुविधा के लिए वहां सीमेंटेड बाउंड्री वॉल बनवाई थी और आंगन में चकाचक पेवर ब्लॉक लगवाए थे। चर्चा है कि यह काम उन्होंने अपने निजी पैसों से करवाया था, लेकिन अब जब श्योपुर के लिए विदाई की घड़ी आई, तो साहब का दिल इतना छोटा पड़ गया कि वे बंगले से सीमेंटेड बाउंड्री तुड़वाकर और आंगन के पेवर ब्लॉक उखाड़कर साथ ले जा रहे हैं। बंगले की हालत देखकर मोहल्ले के लोग भी हैरान हैं कि एक क्लास-1 अधिकारी ऐसी हरकत कैसे कर सकता है।
110 करोड़ का सीवर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 13 साल का इंतजार
एल.पी. सिंह का नाम केवल बंगले की तोड़फोड़ तक सीमित नहीं है। जिले में 67 करोड़ की लागत से 2013 में शुरू हुआ सीवर प्रोजेक्ट आज 13 साल बाद भी अधूरा है। भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि प्रोजेक्ट की लागत रिवाइज होकर 110 करोड़ के करीब पहुँच गई, लेकिन शहर की जनता को आज भी सीवर की सुविधा नसीब नहीं हुई। इस पूरे घोटाले में एल.पी. सिंह की संलिप्तता जगजाहिर है। आरोप है कि पूरे प्रोजेक्ट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर साहब ने अपनी जेबें तो भर लीं, लेकिन शहर को गड्ढों और अव्यवस्था के हवाले कर दिया।
करोड़ों के घोटाले से भी नहीं भरा साहब का पेट
भ्रष्टाचार की इंतहा देखिए कि जिस अधिकारी ने शिवपुरी के इस करोड़ों के सीवर प्रोजेक्ट को अपनी लापरवाही और घोटालों की भेंट चढ़ा दिया, उनका पेट अब भी नहीं भरा और उसकी भूख अब भी शांत नहीं हुई है। जो बंगले में लगे पेवर ब्लॉक और सीमेंटेड बाउंड्री को भी साहब मजदूरों से उखड़वाकर साथ ले जा रहे हैं।
जाते-जाते दागदार हुई विदाई
शिवपुरी की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि जो अधिकारी करोड़ों के प्रोजेक्ट में धांधली कर मन नहीं भर पाया, उसे सरकारी बंगले की ईंट-पत्थरों से इतना लगाव क्यों है? करोड़ों डकारने के बाद क्या अब सरकारी आवास के ईंट-पत्थर ही साहब का आखिरी सहारा बचे हैं? एल.पी. सिंह की यह टोंटी चोर वाली कार्यशैली पूरे विभाग की साख पर बट्टा लगा रही है। देखना यह होगा कि प्रशासन इस तोड़फोड़ और सीवर प्रोजेक्ट के पुराने कारनामों पर क्या संज्ञान लेता है।
कार्यवाही को लेकर विभाग ने की फिजीकल थाने शिकायत

साहब की इस हरकत से मामला अब थाने तक पहुँच गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा थाना प्रभारी फिजिकल को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के अनुसार, मोहनी सागर कॉलोनी स्थित आवास क्रमांक E-4 को खाली करते समय एल.पी. सिंह द्वारा विभाग की लिखित अनुमति के बिना पेवर ब्लॉक और बाउंड्री वॉल उखाड़ी जा रही है। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि बार-बार मना करने के बावजूद वे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जो लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 का खुला उल्लंघन है। इस मामले की प्रतिलिपि कार्यपालन यंत्री (सिंध परियोजना) और अनुविभागीय अधिकारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
EE सिंह की अजीब सफाई- मेरे खर्चे की बाउंड्री है, गांव ले जाकर कुत्तों का घर बनाऊंगा
इस मामले पर जब एल.पी. सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित बाउंड्रीवॉल उन्होंने अपने निजी खर्च पर अपने कुत्तों के लिए बनवाई थी। उनका कहना है कि श्योपुर स्थित निवास में अब कुत्तों को रखने की पर्याप्त जगह नहीं बची है, इसलिए वे उन्हें अपने गांव में शिफ्ट कर रहे हैं और वहां इस बाउंड्रीवॉल का उपयोग कर उनके लिए रहने की व्यवस्था करेंगे। साथ ही, पेवर्स टाइल्स का कार्य भी उन्होंने अपने खर्च से कराया था, इसलिए उन्हें हटाकर अपने साथ ले जाना उनका अधिकार है और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है।
